ईरान-अमेरिका समझौता अंतिम चरण में, मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद
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ईरान-अमेरिका समझौता अंतिम चरण में, मिडिल ईस्ट में शांति की उम्मीद

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि ईरान के साथ शांति समझौता अंतिम चरण में है। समझौते के तहत स्ट्रेट ऑफ होर्मुज खोला जा सकता है।


मिडिल ईस्ट में पिछले करीब तीन महीनों से जारी तनाव और युद्ध को समाप्त करने की दिशा में एक बड़ी कूटनीतिक सफलता मिलती नजर आ रही है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने शनिवार को घोषणा की कि ईरान के साथ एक महत्वपूर्ण शांति समझौते पर व्यापक स्तर पर बातचीत पूरी हो चुकी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जा सकती है।ट्रंप ने कहा कि इस संभावित ऐतिहासिक समझौते के तहत रणनीतिक रूप से बेहद अहम (Strait of Hormuz) को वैश्विक व्यापार के लिए फिर से खोल दिया जाएगा।

ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर दी जानकारी

राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म Truth Social पर इस संबंध में जानकारी साझा की। उन्होंने लिखा कि अमेरिका, ईरान और कई अन्य देशों के बीच समझौते को अंतिम रूप देने के लिए बड़े पैमाने पर बातचीत हुई है।ट्रंप ने यह भी बताया कि उन्होंने इजरायल के प्रधानमंत्री Benjamin Netanyahu से फोन पर बातचीत की, जो “बेहद सकारात्मक” रही। उन्होंने कहा कि समझौते के अंतिम बिंदुओं और तकनीकी पहलुओं पर चर्चा जारी है और जल्द ही इसकी औपचारिक घोषणा की जाएगी।


खाड़ी देशों के नेताओं से हुई अहम बातचीत

यह घोषणा ऐसे समय हुई, जब ट्रंप ने सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात (UAE), कतर, पाकिस्तान, तुर्की, मिस्र, जॉर्डन और बहरीन के शीर्ष नेताओं के साथ एक महत्वपूर्ण फोन कॉल की।मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बातचीत में ईरान और पाकिस्तान की ओर से भेजे गए शांति प्रस्ताव पर चर्चा हुई। खाड़ी देशों के नेताओं ने ट्रंप को इस प्रस्ताव को स्वीकार करने के लिए प्रोत्साहित किया और क्षेत्रीय तनाव कम करने की दिशा में उनकी भूमिका की सराहना की।

पाकिस्तान और कतर बने मध्यस्थ

इस संभावित समझौते को आगे बढ़ाने में पाकिस्तान और कतर ने अहम मध्यस्थ की भूमिका निभाई है। पाकिस्तान के फील्ड मार्शल Asim Munir और कतरी प्रतिनिधियों ने तेहरान जाकर वार्ता को आगे बढ़ाया। सूत्रों के मुताबिक, आसिम मुनीर ने पिछले 24 घंटों के दौरान अमेरिकी उपराष्ट्रपति JD Vance सहित अमेरिकी अधिकारियों से कम से कम दो बार बातचीत की।

समझौते के मसौदे में क्या शामिल?

प्रस्तावित अंतरिम समझौते में युद्ध समाप्ति की औपचारिक घोषणा शामिल है। इसके तहत अगले दो महीनों तक ईरान के परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत जारी रहेगी। इसके बदले में ईरान स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को अंतरराष्ट्रीय व्यापार के लिए खोलेगा। अमेरिका ईरानी बंदरगाहों पर लगी आर्थिक नाकेबंदी में राहत देगा।रिपोर्ट्स के अनुसार, इस्लामाबाद और तेहरान ने वॉशिंगटन को संशोधित प्रस्ताव भेजा है और अब यह समझौता अंतिम चरण में पहुंच चुका है।

मार्को रुबियो ने भी की पुष्टि

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो (Marco Rubio) ने भारत में पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि वार्ता में काफी प्रगति हुई है और जल्द ही कोई बड़ी घोषणा हो सकती है।

ईरान ने इसे बताया ‘फ्रेमवर्क एग्रीमेंट’

दूसरी ओर, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बागेई (Esmail Baghaei) ने इस मसौदे को फ्रेमवर्क एग्रीमेंट बताया।उन्होंने ईरानी सरकारी टीवी से बातचीत में कहा कि ईरान चाहता है कि समझौते में युद्ध समाप्ति और देश के लिए जरूरी सभी प्रमुख मुद्दों को शामिल किया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 30 से 60 दिनों के भीतर समझौते के विस्तृत बिंदुओं पर चर्चा होगी और उसके बाद अंतिम समझौता किया जाएगा।

ईरान ने स्पष्ट किया कि स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को खोलना बातचीत का मुख्य हिस्सा है। हालांकि, उसने यह भी कहा कि परमाणु मुद्दा फिलहाल इस तत्काल वार्ता का हिस्सा नहीं है, क्योंकि उसकी प्राथमिकता लेबनान सहित सभी मोर्चों पर युद्ध समाप्त करना और आर्थिक प्रतिबंधों से राहत पाना है।

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