
मोदी-ट्रंप मुलाकात की तैयारी, अगले साल भारत आएंगे अमेरिकी राष्ट्रपति
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल भारत आएंगे। ट्रेड डील अंतिम चरण में है और दोनों देशों के रिश्तों को नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।
भारत और अमेरिका के रणनीतिक और व्यापारिक संबंधों को नई मजबूती मिलने जा रही है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने घोषणा की है कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप अगले साल की शुरुआत में भारत का दौरा करेंगे। इस हाई-प्रोफाइल दौरे से पहले रुबियो स्वयं भारत आकर तैयारियों को अंतिम रूप देंगे और दोनों देशों के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौते (ट्रेड डील) को जल्द पूरा कराने की दिशा में बातचीत करेंगे।
ट्रेड डील पर अंतिम चरण की बातचीत
मार्को रुबियो ने कहा कि भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित ट्रेड डील अंतिम चरण में पहुंच चुकी है। उनका कहना है कि दोनों देश आर्थिक और रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने के लिए तेजी से काम कर रहे हैं। उन्होंने उम्मीद जताई कि समझौते को जल्द अंतिम रूप दिया जाएगा।
मोदी-ट्रंप की दोस्ती को बताया मजबूत रिश्तों की नींव
रुबियो ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के व्यक्तिगत संबंधों को दोनों देशों की साझेदारी की सबसे बड़ी ताकत बताया। उन्होंने कहा कि दोनों नेताओं के बीच आपसी विश्वास और करीबी रिश्तों ने भारत-अमेरिका संबंधों को नई दिशा दी है।उन्होंने यह भी कहा कि वह स्वयं प्रधानमंत्री मोदी के बड़े प्रशंसक हैं और उनके नेतृत्व में भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत शक्ति बनकर उभरा है।
क्रूड ऑयल सप्लाई पर बढ़ रहा सहयोग
रुबियो ने कहा कि भारत उन चुनिंदा देशों में शामिल है, जिसके पास भारी कच्चे तेल (Heavy Crude Oil) को रिफाइन करने की उन्नत क्षमता है। उन्होंने बताया कि भारत, अमेरिका और वेनेजुएला के बीच ऊर्जा सहयोग लगातार मजबूत हो रहा है और तीनों देश वैश्विक स्तर पर कच्चे तेल की आपूर्ति बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
वीजा नियमों पर भारत को लेकर स्थिति स्पष्ट
अमेरिकी विदेश मंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका की नई वीजा व्यवस्था किसी एक देश को निशाना बनाकर नहीं बनाई गई है। उन्होंने कहा कि वीजा प्रणाली में किए जा रहे बदलावों का उद्देश्य पूरी व्यवस्था को बेहतर बनाना है और इसका भारत से कोई विशेष संबंध नहीं है।
अमेरिकी राजदूत ने भी दिए सकारात्मक संकेत
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने भी दोनों देशों के रिश्तों को लेकर सकारात्मक संकेत दिए। उन्होंने कहा कि भारत और अमेरिका प्राकृतिक साझेदार हैं और दोनों देशों के बीच सहयोग की अपार संभावनाएं मौजूद हैं।उन्होंने बताया कि व्यापार समझौते पर बातचीत अंतिम चरण में है और जल्द ही इस पर महत्वपूर्ण प्रगति देखने को मिल सकती है। साथ ही उन्होंने दोहराया कि अमेरिका की नई वीजा नीति भारत को लक्ष्य बनाकर तैयार नहीं की गई है।
वैश्विक मुद्दों पर भी बढ़ रहा तालमेल
सर्जियो गोर ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप कई महत्वपूर्ण वैश्विक मुद्दों पर समान सोच रखते हैं। उनके अनुसार, दोनों नेताओं के मजबूत व्यक्तिगत संबंध ही भारत-अमेरिका रणनीतिक साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं।

