ईरान को ट्रंप की दो टूक, परमाणु जांच से इनकार किया तो रद्द होगी डील
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ईरान को ट्रंप की दो टूक, परमाणु जांच से इनकार किया तो रद्द होगी डील

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान IAEA को परमाणु जांच की अनुमति नहीं देता तो अमेरिका बातचीत रद्द कर सकता है। निरीक्षण पर दोनों देशों के दावे अलग हैं।


अमेरिका और ईरान के बीच परमाणु कार्यक्रम को लेकर तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। इसी बीच अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (IAEA) को अपने परमाणु कार्यक्रम की जांच की अनुमति नहीं देता, तो अमेरिका तेहरान के साथ चल रही बातचीत रद्द कर सकता है।

ट्रंप का दावा: जांच के लिए सहमत है ईरान

पेंसिल्वेनिया में पत्रकारों से बातचीत के दौरान ट्रंप ने कहा कि ईरान ने सिद्धांत रूप में IAEA निरीक्षकों को प्रवेश देने पर सहमति जताई है। उनके अनुसार, तेहरान ने अमेरिका को निजी तौर पर भरोसा दिलाया है कि निरीक्षण की अनुमति दी जाएगी।ट्रंप ने कहा, “हमें अंदरूनी तौर पर यह आश्वासन मिला है और हमें पूरा भरोसा है कि निरीक्षकों को पहुंच दी जाएगी।” हालांकि, जब उनसे निरीक्षण की समयसीमा के बारे में पूछा गया, तो उन्होंने कहा कि यह “उचित समय” पर होगा और इसमें कोई जल्दबाजी नहीं है।

पहले भी किया था ऐसा दावा

इससे पहले भी ट्रंप ने दावा किया था कि ईरान अपने परमाणु कार्यक्रम की जांच के लिए सहमत हो गया है। हालांकि, तेहरान ने उस दावे को खारिज करते हुए गलत बताया था।

बातचीत जारी, लेकिन ईरान पर दबाव

ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ बातचीत जारी है, लेकिन मौजूदा परिस्थितियों में उसकी स्थिति पहले की तुलना में काफी कमजोर हो गई है। उन्होंने दावा किया कि हालिया अमेरिकी कार्रवाई के बाद ईरान रणनीतिक रूप से दबाव में है।

होर्मुज जलडमरूमध्य का भी किया जिक्र

राष्ट्रपति ट्रंप ने Strait of Hormuz से ऊर्जा आपूर्ति का उल्लेख करते हुए कहा कि सोमवार को वहां से 1.9 करोड़ बैरल तेल की आवाजाही हुई, जो उनके अनुसार एक रिकॉर्ड स्तर है।

ईरान की सैन्य क्षमता पर बड़ा दावा

ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिकी हमलों के बाद ईरान अभूतपूर्व रूप से कमजोर स्थिति में पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि ईरान की सैन्य क्षमता, नेतृत्व और रडार प्रणाली को गंभीर नुकसान पहुंचा है।उन्होंने कहा, “हमने ईरान को ऐसी स्थिति में पहुंचा दिया है, जहां वह पहले कभी नहीं था। यह कदम दशकों पहले उठाया जाना चाहिए था।”हालांकि, ट्रंप के इन दावों पर ईरान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।

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