
खाड़ी में महायुद्ध; कुवैत एयरपोर्ट पर ईरानी हमला, भारतीय की मौत
ईरान ने कुवैत और बहरीन पर दागीं मिसाइलें; अमेरिकी बेस और 5वें बेड़े को बनाया निशाना। Strait of Hormuz में अमेरिकी स्ट्राइक; कच्चे तेल में भारी उछाल।
Indian Citizen Killed: खाड़ी देशों में चल रहा सैन्य टकराव एक बार फिर बेहद खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। बुधवार को कुवैत स्थित भारतीय दूतावास ने पुष्टि की है कि कुवैत इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हुए भीषण ईरानी हमले में एक भारतीय नागरिक की दर्दनाक मौत हो गई है।
28 फरवरी से शुरू हुए इस युद्ध के बाद से ईरान लगातार उन खाड़ी देशों को निशाना बना रहा है जहां अमेरिकी सैन्य बेस मौजूद हैं। ताजा हमलों में ईरान ने कुवैत और बहरीन पर एक साथ कई बैलिस्टिक मिसाइलें और आत्मघाती ड्रोन दागे हैं। कुवैत के स्वास्थ्य मंत्रालय के मुताबिक, इस हमले में एयरपोर्ट कर्मियों और यात्रियों समेत कम से कम 63 लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। ईरानी स्ट्राइक में हवाई अड्डे की संपत्तियों और कई राजनयिक मिशनों को भारी नुकसान पहुंचा है, जिसके बाद उड़ानों को अस्थायी रूप से रोक दिया गया था। बाद में कुवैत नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने टर्मिनल 4 से कुवैत एयरवेज का परिचालन कड़े सुरक्षा इंतजामों के बीच दोबारा शुरू कराया।
Embassy of India in Kuwait expresses its deepest condolences at the tragic demise of an Indian national due to an attack on the airport in Kuwait today. The Embassy is in touch with the bereaved family and is closely coordinating with the Kuwaiti authorities to render all…
— India in Kuwait (@indembkwt) June 3, 2026
बहरीन में अमेरिकी 5वें बेड़े पर हमला; आसमान में ही ढेर की गईं मिसाइलें
ईरान ने दावा किया है कि उसने बहरीन में तैनात अमेरिकी नौसेना के सबसे शक्तिशाली '5वें बेड़े' के मुख्यालय, एक एयरबेस और सैन्य हेलीकॉप्टरों को निशाना बनाया है।
बहरीन की जवाबी कार्रवाई: बहरीन की सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए ईरान की ओर से दागी गईं तीन मिसाइलों और कई ड्रोनों को हवा में ही इंटरसेप्ट कर नष्ट कर दिया।
अमेरिका का दावा: अमेरिकी सेना ने बयान जारी कर बताया कि कुवैत की ओर आ रही दो ईरानी मिसाइलें या तो लक्ष्य से पहले गिर गईं या उड़ान के दौरान ही हवा में टूट गईं। इसके अलावा ईरान की कई अन्य बैलिस्टिक मिसाइलें अपने सटीक निशाने पर हिट करने में पूरी तरह नाकाम रहीं।
यूएई के राजनयिक सलाहकार अनवर गर्गाश ने कुवैत और बहरीन पर हुए इन हमलों की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए कहा कि यह हमला किसी एक देश पर नहीं बल्कि पूरे खाड़ी क्षेत्र पर है, जिसका एकजुट होकर जवाब दिया जाएगा।
Strait of Hormuz में भीषण टकराव; अमेरिका ने ईरान के 'केशम द्वीप' पर की बमबारी
यह भीषण हिंसा अप्रैल की शुरुआत में हुए उस नाजुक संघर्षविराम को तार-तार करने के बाद शुरू हुई है, जिसे वाशिंगटन व्यापार के लिए रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' को दोबारा खुलवाने के लिए लागू करना चाहता था।
अमेरिका की एयरस्ट्राइक: अमेरिकी सेना ने कुवैत में नागरिक जहाजों और अपनी सेना की सुरक्षा में कई ईरानी ड्रोन मार गिराए। इसके साथ ही अमेरिका ने ईरान द्वारा किए गए हमलों के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास स्थित ईरान के सामरिक केशम द्वीप पर भीषण बमबारी की पुष्टि की है।
ईरान का पलटवार: ईरानी मीडिया के मुताबिक, रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) की नौसेना ने अमेरिकी हमले के जवाब में 'पनाया' नामक एक जहाज को मिसाइलों से उड़ा दिया। गार्ड्स ने खुलेआम चेतावनी दी है कि यदि अमेरिका ने होर्मुज में सुरक्षा में खलल डाला, तो उसे इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।
कच्चे तेल में उबाल: इस ताजा सैन्य टकराव के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजार में अनिश्चितता बढ़ गई है और कच्चे तेल की कीमतों में 2% से ज्यादा का उछाल आया है। बता दें कि इस युद्ध से पहले दुनिया की कुल तेल और एलएनजी (LNG) सप्लाई का पांचवां हिस्सा इसी रास्ते से गुजरता था।
ट्रंप का दावा सुप्रीम लीडर मोजताबा खामेनेई से बातचीत जारी; ईरान ने रखीं शर्तें
एक तरफ जहां ईरानी मीडिया दावा कर रहा है कि तेहरान और वाशिंगटन के बीच पिछले कई दिनों से कोई सीधा संपर्क नहीं हुआ है, वहीं अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस पर बड़ा खुलासा किया है। बुधवार को जारी एक पॉडकास्ट इंटरव्यू में ट्रंप ने दावा किया कि अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत अभी भी जारी है और ईरान परमाणु हथियार न बनाने पर सहमत हो गया है। ट्रंप के मुताबिक, इस गोपनीय बातचीत में ईरान के सर्वोच्च नेता आयतल्लाह मोजताबा खामेनेई खुद सीधे तौर पर शामिल हैं। हालांकि, ईरान ने हमेशा की तरह परमाणु बम बनाने के दावों को खारिज करते हुए अपने कार्यक्रम को शांतिपूर्ण बताया है।
समझौते के लिए ईरान की बड़ी शर्तें:
ईरान ने युद्ध खत्म करने और होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलने के बदले अमेरिका के सामने पांच बड़ी शर्तें रखी हैं:
लेबनान में जारी युद्ध और जंग पर तुरंत पूरी तरह से रोक लगाई जाए।
अमेरिका द्वारा फ्रीज किए गए अरबों डॉलर के तेल राजस्व तक ईरान को दोबारा पहुंच दी जाए।
ईरान के कच्चे तेल के निर्यात पर लगी पाबंदियों से छूट मिले।
ईरानी बंदरगाहों पर लगी अमेरिकी नौसैनिक नाकेबंदी को तुरंत हटाया जाए।
होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) पर ईरान का रणनीतिक नियंत्रण और दबदबा बरकरार रहे।
लेबनान में संघर्षविराम फेल; इजरायल की बमबारी जारी
इस महायुद्ध ने ईरान और लेबनान में अब तक हजारों लोगों की जान ले ली है। अमेरिका की मध्यस्थता में एक दिन पहले घोषित आंशिक युद्धविराम के बावजूद, लेबनानी सुरक्षा सूत्रों ने पुष्टि की है कि इजरायली सेना ने मंगलवार और बुधवार को भी दक्षिणी लेबनान के कई शहरों पर ताबड़तोड़ हवाई हमले जारी रखे। बुधवार को इजरायली सेना ने उत्तरी इजरायल की सीमा में घुस रहे एक संदिग्ध ईरानी लड़ाकू विमान/ड्रोन को मार गिराने का भी दावा किया है, जिससे इजरायल-हिजबुल्लाह मोर्चे पर भी तनाव चरम पर पहुंच गया है।
क्या यह दक्षिण भारत के आर्थिक परिवर्तन, इसकी राजनीतिक संस्कृति, या दोनों के संयोजन को दर्शाता है, यह एक खुला प्रश्न बना हुआ है।
Next Story

