
'महा-डील के सबसे करीब हम' ईरान के विदेश मंत्री का बड़ा दावा
यूएस-ईरान शांति समझौते को लेकर तेहरान ने किया 'इस्लामाबाद MoU' का आधिकारिक खुलासा. अफवाहों और लीक खबरों से बचने की दी हिदायत; जल्द सामने आएगा सच.
US Iran Deal: मध्य पूर्व में मर्चेंट नेवी के जहाजों पर हुए हमलों और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के तीखे बयानों के बाद मचे भारी घमासान के बीच, अब इस पूरे विवाद में एक नया और बेहद चौंकाने वाला मोड़ आ गया है. ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने शुक्रवार को पूरी दुनिया के सामने एक बड़ा और आधिकारिक ऐलान करते हुए दावा किया है कि मध्य पूर्व में युद्ध को हमेशा के लिए समाप्त करने के लिए अमेरिका और ईरान एक ऐतिहासिक समझौते के "अब तक के सबसे करीब" पहुंच चुके हैं.
ईरान के विदेश मंत्री ने इस बहुप्रतीक्षित शांति समझौते को 'इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग' का नाम दिया है, जो यह साफ करता है कि पर्दे के पीछे इस महा-डील की पूरी बिसात पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद में गुपचुप तरीके से हुई पिछली वार्ताओं के दौरान तैयार की गई थी.
The Islamabad Memorandum of Understanding has never been closer. Pending its finalization, the media should refrain from entering speculation about its content.
— Seyed Abbas Araghchi (@araghchi) June 12, 2026
In line with our responsible and transparent approach, all details will be shared with the public in due course.
सोशल मीडिया पर किया आधिकारिक ऐलान: अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील
ईरानी मीडिया द्वारा समझौते की मनगढ़ंत शर्तें लीक किए जाने और उसके बाद डोनाल्ड ट्रंप के भड़कने से मचे बवाल को शांत करने के लिए विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने खुद सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक बेहद सधा हुआ बयान जारी किया:
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने लिखा:
"इस्लामाबाद मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग (MoU) अब फाइनल होने के सबसे करीब है. जब तक इसे अंतिम रूप नहीं दे दिया जाता, तब तक मीडिया को इसके कंटेंट (शर्तों) को लेकर किसी भी तरह की अटकलें लगाने या कयासबाजी करने से पूरी तरह बचना चाहिए."
उन्होंने आगे यह भी जोड़ा कि ईरान अपने जिम्मेदार और पारदर्शी दृष्टिकोण के अनुरूप काम कर रहा है और समय आने पर इस ऐतिहासिक समझौते के सभी विवरण पूरी प्रामाणिकता के साथ दुनिया के सामने सार्वजनिक किए जाएंगे.
ट्रंप के 'फेक न्यूज' वाले दावों को दी मात; क्या रविवार को होंगे दस्तखत?
अराघची का यह आधिकारिक बयान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस सोशल मीडिया पोस्ट के ठीक बाद आया है, जिसमें ट्रंप ने ईरान पर 'फेक न्यूज' को झूठी शर्तें लीक करने का आरोप लगाया था और ईरानियों को 'गैर-भरोसेमंद' कहा था. ट्रंप ने यह भी दावा किया था कि लीक हुई शर्तों का वास्तविक समझौते से कोई लेना-देना नहीं है.
लेकिन अब ईरान के विदेश मंत्री ने खुद 'इस्लामाबाद MoU' के अस्तित्व को स्वीकार करके यह साफ कर दिया है कि बातचीत पूरी तरह ट्रैक पर है और इसे अंतिम रूप दिया जा रहा है. कूटनीतिक गलियारों में यह माना जा रहा है कि अमेरिकी सेंट्रल कमांड द्वारा भारतीय क्रू वाले जहाज पर किए गए हमले और उसके बाद भारत द्वारा अमेरिकी दूत को तलब किए जाने से जो अंतरराष्ट्रीय दबाव बना है, उसकी वजह से भी दोनों देश इस युद्ध को रोकने के लिए समझौते को जल्द से जल्द फाइनल करना चाहते हैं. अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या वाशिंगटन और तेहरान रविवार को जिनेवा में इस 'इस्लामाबाद समझौते' पर दस्तखत कर इतिहास रचेंगे या नहीं.
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