
ईरान ने अमेरिका को दी चेतावनी, कहा- मुश्किल युद्ध या समझौता, एक चुनें
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को दिया अल्टीमेटम। होर्मुज जलडमरूमध्य और समुद्री नाकाबंदी को लेकर तनाव बढ़ा, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरानी प्रस्ताव पर दिया बड़ा बयान।
Iran US War : ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने अमेरिका को कड़ी चेतावनी दी है। गार्ड्स ने कहा कि अमेरिका के पास अब सीमित विकल्प बचे हैं। उसे या तो असंभव सैन्य ऑपरेशन चुनना होगा या समझौता करना होगा। 8 अप्रैल से रुका हुआ मध्य पूर्व युद्ध अब फिर गर्माता दिख रहा है। पाकिस्तान में हुई शांति वार्ता का दौर पहले ही विफल हो चुका है।
होर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की पकड़
अमेरिकी नौसेना ने ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी कर दी है। इसके जवाब में ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य को लगभग बंद कर दिया है। यह रास्ता वैश्विक तेल व्यापार के लिए बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है। इस समुद्री तनाव के कारण वार्ता का दूसरा दौर शुरू नहीं हो सका। ईरान अपनी समुद्री सीमा पर किसी भी दखल को बर्दाश्त नहीं कर रहा है।
चीन और रूस का बदलता रुख
ईरानी खुफिया संगठन ने वैश्विक समीकरणों में बदलाव का हवाला दिया है। गार्ड्स का कहना है कि चीन, रूस और यूरोप का रुख बदल चुका है। इससे अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के लिए निर्णय लेना कठिन हो गया है। ईरान ने अपनी शर्तों को मानने के लिए एक समय सीमा तय की है। ट्रंप प्रशासन के पास अब फैसला लेने के लिए बहुत कम समय बचा है।
एक महीने का अल्टीमेटम
ईरान ने अमेरिका को अपना नया शांति प्रस्ताव भेज दिया है। तेहरान ने इस समझौते के लिए एक महीने की समय सीमा दी है। इसमें होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने की बात कही गई है। साथ ही लेबनान और ईरान में युद्ध को स्थायी रूप से खत्म करना होगा। अमेरिका को अपनी नौसैनिक नाकाबंदी भी तुरंत समाप्त करनी होगी।
ईरान की कड़ी शर्तें और मांगें
ईरानी मीडिया के अनुसार सभी लंबित मुद्दे 30 दिनों में सुलझाने होंगे। ईरान चाहता है कि युद्धविराम के बजाय युद्ध को पूरी तरह खत्म किया जाए। प्रमुख मांगों में अमेरिकी सैन्य बलों की वापसी और प्रतिबंध हटाना शामिल है। साथ ही ईरान ने अपनी जब्त संपत्तियों को मुक्त करने की मांग की है। होर्मुज जलडमरूमध्य के लिए नए तंत्र पर भी सहमति जरूरी है।
डोनाल्ड ट्रंप की पहली प्रतिक्रिया
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस प्रस्ताव पर अपनी राय दी है। ट्रंप ने कहा कि वह ईरान के नए प्रस्ताव की समीक्षा करेंगे। हालांकि उन्होंने सोशल मीडिया पोस्ट में इसे नामंजूर करने के संकेत दिए। ट्रंप के अनुसार यह प्रस्ताव फिलहाल उन्हें स्वीकार्य नहीं लग रहा है। आने वाले दिनों में अमेरिका का अगला कदम दुनिया की नजरों में होगा।
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