
ईरान का अल्टीमेटम: 'संयम खत्म', होर्मुज की घेराबंदी और अमेरिका को चेतावनी
तेहरान ने अमेरिका के शांति प्रस्ताव पर पाकिस्तान के जरिए भेजा जवाब। राष्ट्रपति पेजेश्कियन बोले—बातचीत का मतलब आत्मसमर्पण नहीं। होर्मुज में बढ़ेगा तनाव।
USA Iran War : ईरान और अमेरिका के बीच जारी सैन्य और कूटनीतिक गतिरोध अब एक निर्णायक मोड़ पर पहुंच गया है। ईरानी संसद की विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा समिति के प्रवक्ता इब्राहिम रेजाई ने दोटूक शब्दों में कहा है कि तेहरान का धैर्य अब समाप्त हो गया है। उन्होंने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा कि समय तेजी से निकल रहा है और अगर ईरानी जहाजों पर कोई भी आक्रामकता दिखाई गई, तो ईरान अमेरिकी ठिकानों और जहाजों पर कठोर प्रहार करेगा।
रेजाई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स (X) पर लिखा, "अमेरिकियों के लिए बेहतर है कि वे खुद को उस दलदल में और न धकेलें जिसमें वे पहले ही फंस चुके हैं। सबसे अच्छा रास्ता नई क्षेत्रीय व्यवस्था को स्वीकार करना और रियायतें देना है।"
होर्मुज जलडमरूमध्य: वैश्विक व्यापार पर संकट
ईरानी सैन्य प्रवक्ता अकरमी निया ने आज सुबह एक ऐसी चेतावनी दी है जिसने वैश्विक बाजार और ऊर्जा सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। उन्होंने साफ कहा कि जो भी देश ईरान के खिलाफ अमेरिकी प्रतिबंधों को लागू करने में मदद करेगा, उसे होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने में "निश्चित रूप से" गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ेगा।
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया का सबसे महत्वपूर्ण तेल गलियारा है, जहां से वैश्विक तेल आपूर्ति का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है। ईरान की इस धमकी का सीधा असर भारत समेत उन तमाम देशों पर पड़ सकता है जो अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए इस मार्ग पर निर्भर हैं।
هرگز در برابر دشمن سر خم نخواهیم کرد و اگر سخنی از گفتوگو یا مذاکره مطرح میشود، معنای آن تسلیم یا عقبنشینی نیست. بلکه هدف، احقاق حقوق ملت ایران و دفاع مقتدرانه از منافع ملی است.
— Masoud Pezeshkian (@drpezeshkian) May 10, 2026
राष्ट्रपति पेजेश्कियन का कड़ा संदेश
ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेश्कियन ने भी स्पष्ट कर दिया है कि ईरान किसी भी दबाव में पीछे नहीं हटने वाला है। उन्होंने एक्स पर पोस्ट किया:
"हम कभी भी दुश्मन के सामने सिर नहीं झुकाएंगे। अगर हम बातचीत या समझौते की बात कर रहे हैं, तो इसका मतलब आत्मसमर्पण या पीछे हटना कतई नहीं है। हमारा एकमात्र लक्ष्य ईरानी राष्ट्र के अधिकारों और हितों की रक्षा करना है।"
शांति प्रस्ताव पर पाकिस्तान के जरिए जवाब
कूटनीतिक मोर्चे पर भी बड़ी हलचल देखी गई है। अमेरिका द्वारा स्थायी शांति के लिए भेजे गए प्रस्ताव पर ईरान ने अपना आधिकारिक जवाब पाकिस्तान के माध्यम से वॉशिंगटन को भेज दिया है। ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, उनके सुझाव और आपत्तियां इस प्रस्ताव में शामिल हैं। वर्तमान में वार्ता का मुख्य केंद्र क्षेत्र में जारी युद्ध को समाप्त करने पर है। हालांकि, ईरान की सैन्य धमकियां यह संकेत दे रही हैं कि कूटनीति की राह इतनी आसान नहीं होने वाली।
मोजतबा खामेनेई और 'युद्ध' के निर्देश
इस बीच, रिपोर्टों में यह भी दावा किया गया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता के बेटे मोजतबा खामेनेई ने सैन्य प्रमुखों को अमेरिका के खिलाफ युद्ध की स्थिति में नए और आक्रामक निर्देश दिए हैं। यह ईरान के भीतर बढ़ते उस गुट की ताकत को दर्शाता है जो अमेरिका के साथ किसी भी प्रकार के समझौते के खिलाफ है और सैन्य शक्ति के प्रदर्शन पर जोर दे रहा है।
वैश्विक प्रभाव और क्षेत्रीय समीकरण
ईरान का यह आक्रामक रुख ऐसे समय में आया है जब रूस-यूक्रेन युद्ध और हंता वायरस जैसी वैश्विक चुनौतियां पहले से ही मौजूद हैं। यदि होर्मुज जलडमरूमध्य में ईरान कोई भी सैन्य कार्रवाई करता है, तो इससे न केवल कच्चे तेल की कीमतें आसमान छू सकती हैं, बल्कि पश्चिम एशिया में एक पूर्ण विकसित युद्ध (Full-scale War) छिड़ने का खतरा भी बढ़ जाएगा।
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