
अमेरिका-ईरान तनाव के बीच ट्रंप का बड़ा दावा, जल्द खत्म होगी जंग
ईरान-अमेरिका संघर्ष के बीच शांति वार्ता तेज हो चुकी है। ईरान ने सुरक्षा गारंटी की शर्त रखी है वहीं अमेरिका भी पीछे हटने के संकेत दे रहा है।
ईरान और अमेरिका के बीच जारी संघर्ष के बीच अब कूटनीतिक समाधान की संभावनाएं मजबूत होती दिख रही हैं। ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियान ने संकेत दिया है कि उनका देश युद्ध समाप्त करने को तैयार है, लेकिन इसके लिए भविष्य में हमलों से सुरक्षा की ठोस गारंटी आवश्यक होगी। यूरोपियन काउंसिल के अध्यक्ष अंटोनियो कोस्टा के साथ बातचीत में उन्होंने कहा कि हालात सामान्य करने के लिए सबसे जरूरी कदम तुरंत हमलों को रोकना है। ईरान ने इस संघर्ष को अमेरिका-इजरायल की आक्रामकता बताते हुए स्पष्ट किया कि बिना सुरक्षा आश्वासन के शांति संभव नहीं है।
दूसरी ओर, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी संकेत दिया है कि अमेरिका जल्द ही ईरान में अपने सैन्य अभियान को समाप्त कर सकता है। वाइट हाउस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अमेरिकी सैनिक दो से तीन सप्ताह के भीतर ईरान से बाहर निकल सकते हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि अमेरिकी वापसी के बाद वैश्विक ईंधन कीमतों में गिरावट आ सकती है।
हालांकि, बातचीत की कोशिशों के बीच अमेरिका का सख्त रुख भी जारी है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ ने चेतावनी दी है कि आने वाले कुछ दिन इस संघर्ष के लिए निर्णायक होंगे। उनका कहना है कि यदि ईरान समझौते के लिए तैयार नहीं होता, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अमेरिका कूटनीतिक समाधान की कोशिश कर रहा है, लेकिन उसके पास सैन्य विकल्प भी मौजूद हैं।
28 फरवरी से शुरू हुआ यह संघर्ष पूरे पश्चिम एशिया में अस्थिरता का कारण बना हुआ है। लगातार हमलों और जवाबी कार्रवाई के चलते दोनों देशों के बीच तनाव चरम पर पहुंच गया है। हालांकि, समानांतर रूप से कूटनीतिक प्रयास भी तेज हो रहे हैं। यदि दोनों पक्ष बातचीत के जरिए किसी समझौते पर पहुंचते हैं, तो इससे न केवल क्षेत्र में शांति बहाल हो सकती है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा दबाव भी कम हो सकता है। फिर भी, सुरक्षा गारंटी, आपसी अविश्वास और राजनीतिक शर्तें इस प्रक्रिया को जटिल बनाए हुए हैं।

