पाकिस्तान में फिर अज्ञात गनमैन का खौफ, हाफिज का साथी हमजा गंभीर!
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हाफिज सईद/आमिर हमजा। (फाइल फोटो)

पाकिस्तान में फिर 'अज्ञात गनमैन' का खौफ, हाफिज का साथी हमजा गंभीर!

लाहौर की सड़कों पर लश्कर-ए-तैयबा के मास्टरमाइंड पर ताबड़तोड़ फायरिंग। हाफिज का दाहिना हाथ हमजा ICU में भर्ती। हालत नाजुक, सुरक्षा एजेंसियों की उड़ी नींद...


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पाकिस्तान के लाहौर से एक सनसनीखेज खबर सामने आ रही है, जहां लश्कर-ए-तैयबा के संस्थापक सदस्य और कुख्यात आतंकी अमीर हमजा पर जानलेवा हमला हुआ है। मिली जानकारी के अनुसार, एक न्यूज़ चैनल के दफ्तर के बाहर अज्ञात हमलावरों ने उसे अपना निशाना बनाया और ताबड़तोड़ गोलियां दागकर मौके से फरार हो गए। इस हमले में अमीर हमजा गंभीर रूप से घायल हुआ है और फिलहाल वह अस्पताल के आईसीयू (ICU) में भर्ती है, जहां उसकी हालत बेहद नाजुक बनी हुई है। आपको बता दें कि हमजा आतंकी हाफिज सईद का न केवल बेहद करीबी रहा है, बल्कि भारत में हुए कई बड़े आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड भी रहा है।

अज्ञात हमलावरों की दहशत और 'धुरंधर' फिल्म जैसा नजारा

पाकिस्तान में एक बार फिर अज्ञात हमलावरों ने अपनी मौजूदगी से जबरदस्त दहशत फैला दी है। लाहौर की सड़कों पर दिखा यह नजारा कुछ-कुछ वैसा ही है, जैसा हमने 'धुरंधर' फिल्म में देखा था। चुपचाप आना, सटीक निशाना लगाना और फिर पलक झपकते ही गायब हो जाना। इस बार इन रहस्यमयी बंदूकधारियों की हिटलिस्ट में भारत का एक पुराना और खूंखार दुश्मन अमीर हमजा था। एक न्यूज चैनल के दफ्तर के बाहर उसे घेरकर जिस तरह से फायरिंग की गई, उसने सुरक्षा एजेंसियों को हैरान कर दिया है। लश्कर का यह फाउंडर फिलहाल अपनी आखिरी सांसें गिन रहा है।

सटीक ऑपरेशन ने बढ़ाई पाकिस्तान की चिंता

हमलावरों ने जिस सफाई, सूझबूझ और सटीकता से इस ऑपरेशन को अंजाम दिया है, उसने पाकिस्तान की सुरक्षा एजेंसियों की नींद पूरी तरह उड़ा दी है। सरेआम हुई इस गोलीबारी ने एक बार फिर उन चर्चाओं को हवा दे दी है कि क्या पड़ोसी मुल्क में छिपे बैठे आतंकियों का 'सफाई अभियान' अब अपने अगले चरण में पहुंच चुका है? हमजा को संभलने तक का मौका नहीं मिला और अब वह अस्पताल में जिंदगी और मौत के बीच झूल रहा है।

कौन है अमीर हमजा? लश्कर का 'रणनीतिक दिमाग'

अब सवाल यह उठता है कि आखिर यह अमीर हमजा है कौन? आपको बता दें कि यह कोई मामूली आतंकी नहीं है। अमीर हमजा को लश्कर-ए-तोयबा का 'रणनीतिक दिमाग' माना जाता है। यह उन शुरुआती लोगों में से एक था, जिन्होंने हाफिज सईद के साथ मिलकर लश्कर की नींव रखी थी। इसे संगठन का मुख्य विचारक कहा जाता है। यानी वह शख्स जो नए आतंकियों को तैयार करने के लिए उनका 'ब्रेनवॉश' करता था। इसकी अहमियत का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका ने इसे 'वैश्विक आतंकवादी' घोषित कर रखा है।

अमीर हमजा का काम सिर्फ बंदूक उठाना नहीं था बल्कि वह लश्कर के लिए पैसा जुटाना, नए लड़कों की भर्ती करना और पकड़े गए आतंकियों को छुड़ाने के लिए सौदेबाजी करने में भी माहिर था। उसने लश्कर की मैगजीन का संपादन किया और जिहाद को बढ़ावा देने वाली कई किताबें भी लिखीं। जब 2018 में पाकिस्तान पर अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ा और लश्कर पर कार्रवाई हुई तो इसने 'जैश-ए-मनकाफा' नाम का एक नया मुखौटा तैयार कर लिया ताकि कश्मीर में दहशतगर्दी को जारी रखा जा सके।

क्या हकीकत बन रही है 'धुरंधर' की कहानी?

अगर पिछले रिकॉर्ड पर नजर डालें तो यह किसी सस्पेंस फिल्म की स्क्रिप्ट जैसा लगता है। इसी साल 2026 की शुरुआत में लश्कर कमांडर बिलाल आरिफ सराफी को ठिकाने लगाया गया था। इससे पहले 2025 में झेलम में फैसल नदीम और सिंध में अबू सैफुल्लाह खालिद का भी यही हश्र हुआ था। यहां तक कि कंधार विमान अपहरण (IC-814) का गुनहगार जाहूर मिस्त्री भी कराची में सरेआम मार गिराया गया था। अमीर हमजा पर हुए इस ताजा हमले ने अब आतंकियों के आकाओं की रातों की नींद हराम कर दी है। अब सवाल यह नहीं है कि हमला किसने किया बल्कि सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगला नंबर किसका है?

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