मोदी-मेलोनी मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र, भारत-इटली संबंधों में बढ़ेगी नई नजदीकी
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मोदी-मेलोनी मुलाकात बनी चर्चा का केंद्र, भारत-इटली संबंधों में बढ़ेगी नई नजदीकी

प्रधानमंत्री मोदी के इटली दौरे में व्यापार, रक्षा, AI और वैश्विक सहयोग पर चर्चा होगी। मेलोनी संग उनकी नई सेल्फी भी वायरल हुई।


प्रधानमंत्री Narendra Modi अपने पांच देशों के व्यापक यूरोपीय दौरे के अंतिम और सबसे महत्वपूर्ण चरण में मंगलवार शाम इटली पहुंच गए। यह दौरा इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के विशेष निमंत्रण पर हो रहा है और इसे पीएम मोदी का इटली का पहला आधिकारिक द्विपक्षीय दौरा माना जा रहा है।

इटली पहुंचने पर प्रधानमंत्री मोदी का गर्मजोशी से स्वागत किया गया। इस दौरान जॉर्जिया मेलोनी ने अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट पर पीएम मोदी के साथ एक नई और आकर्षक सेल्फी साझा की। तस्वीर के साथ उन्होंने लिखा, “रोम में आपका स्वागत है, मेरे दोस्त!” यह तस्वीर कुछ ही समय में सोशल मीडिया पर वायरल हो गई।

यह पहला अवसर नहीं है जब दोनों नेताओं की तस्वीरों ने वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोरी हों। इससे पहले वर्ष 2023 में दुबई में आयोजित COP28 सम्मेलन के दौरान मेलोनी की “Good friends at COP28” वाली सेल्फी काफी चर्चित रही थी। वहीं, 2024 में इटली के अपुलिया में आयोजित G7 Summit 2024 के दौरान “मेलोडी टीम की तरफ से हैलो” वीडियो ने भी इंटरनेट पर व्यापक लोकप्रियता हासिल की थी।

इटली में होटल पहुंचने पर प्रवासी भारतीय समुदाय ने प्रधानमंत्री मोदी का भव्य स्वागत किया। इस दौरान उन्हें वाराणसी के घाटों को दर्शाती एक विशेष पेंटिंग भी भेंट की गई, जिसने भारतीय संस्कृति की झलक पेश की।

रणनीतिक और कूटनीतिक दृष्टि से यह दौरा भारत और इटली के रिश्तों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। अपने प्रवास के दौरान पीएम मोदी इटली के राष्ट्रपति Sergio Mattarella से मुलाकात करेंगे। इसके अलावा वे प्रधानमंत्री मेलोनी के साथ व्यापक द्विपक्षीय वार्ता करेंगे और दोनों देशों के प्रमुख उद्योगपतियों एवं CEOs के साथ भी संवाद करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी संयुक्त राष्ट्र के Food and Agriculture Organization (FAO) मुख्यालय का भी दौरा करेंगे, जहां वे वैश्विक खाद्य सुरक्षा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता को दोहराएंगे।

विदेश मंत्रालय के अनुसार, वर्ष 2023 के बाद से प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी के बीच यह आठवीं मुलाकात होगी। यह लगातार मजबूत हो रहे भारत-इटली संबंधों का स्पष्ट संकेत माना जा रहा है। मार्च 2023 में मेलोनी की भारत यात्रा और जी-20 शिखर सम्मेलन में उनकी भागीदारी ने दोनों देशों के संबंधों को नई दिशा दी थी। अब इस यात्रा के दौरान दोनों नेता “संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-29” के तहत हुई प्रगति की समीक्षा करेंगे।इस वार्ता में रक्षा सहयोग, आतंकवाद के वित्तपोषण पर रोक और नई तकनीकी साझेदारियों जैसे मुद्दों पर भविष्य की रणनीति भी तय की जाएगी।

यूरोपीय संघ में इटली इस समय भारत का चौथा सबसे बड़ा व्यापारिक साझेदार बन चुका है। वर्ष 2025 में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार लगभग 14.25 बिलियन यूरो यानी करीब 1.3 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। अब दोनों देशों ने वर्ष 2029 तक इसे बढ़ाकर 20 बिलियन यूरो तक पहुंचाने का महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किया है।

इटली की कंपनियां भारत में 3.66 बिलियन डॉलर से अधिक का निवेश कर चुकी हैं। वहीं भारतीय कंपनियां भी यूरोप में तेजी से विस्तार कर रही हैं। Tata Motors द्वारा Iveco Group के अधिग्रहण के बाद भारतीय उद्योग जगत का आत्मविश्वास और मजबूत हुआ है।

भारत और इटली रक्षा क्षेत्र में सैन्य उपकरणों के सह-विकास और सह-उत्पादन की संभावनाओं पर भी काम कर रहे हैं। हाल ही में इटली के रक्षा मंत्री Guido Crosetto ने भारत का दौरा किया था, जिसके बाद रक्षा सहयोग को नई गति मिली है।इसके अलावा दोनों देश क्वांटम टेक्नोलॉजी, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), ग्रीन हाइड्रोजन और क्लीन एनर्जी जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर भी सहमत हैं। “सहयोग कार्यक्रम 2025-27” के तहत कई संयुक्त परियोजनाओं को मंजूरी मिलने की संभावना है।

इटली में करीब 1.87 लाख से 2.5 लाख भारतीय मूल के लोग रहते हैं, जो यूरोपीय संघ में सबसे बड़े भारतीय प्रवासी समुदायों में से एक हैं। “माइग्रेशन एंड मोबिलिटी एग्रीमेंट” के जरिए छात्रों और पेशेवरों के लिए अवसरों को और आसान बनाया जा रहा है। वर्तमान में 5100 से अधिक भारतीय छात्र इटली में अध्ययन कर रहे हैं।

इसके अतिरिक्त, इटली भारत के नेतृत्व वाले International Solar Alliance (ISA) और India-Middle East-Europe Economic Corridor (IMEEC) में भी सक्रिय भूमिका निभा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा केवल द्विपक्षीय संबंधों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक चुनौतियों पर भारत और इटली के बीच रणनीतिक तालमेल को भी नई दिशा देगा।

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