भारत-इटली बने विशेष रणनीतिक साझेदार, 15 बड़े समझौते
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भारत-इटली बने विशेष रणनीतिक साझेदार, 15 बड़े समझौते

पीएम मोदी की इटली यात्रा में रक्षा, व्यापार, शिक्षा, संस्कृति और विज्ञान समेत 15 अहम समझौते हुए, जिससे भारत-इटली संबंध और मजबूत होंगे।


प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हाल ही में अपनी पांच देशों की विदेश यात्रा के अंतिम चरण के तहत इटली दौरे से भारत लौट आए। इस यात्रा को दोनों देशों के बीच संबंधों को नई ऊंचाइयों तक ले जाने वाला माना जा रहा है। भारत और इटली ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “विशेष रणनीतिक साझेदारी” के स्तर तक ले जाने पर सहमति जताई है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस दौरे के परिणामस्वरूप व्यापार, रक्षा, निवेश, विज्ञान, शिक्षा और सांस्कृतिक सहयोग में उल्लेखनीय वृद्धि की उम्मीद है।

रक्षा और रणनीतिक सहयोग को नई दिशा

दोनों देशों ने एक ‘रक्षा औद्योगिक रोडमैप’ पर सहमति जताई है, जिसका उद्देश्य संयुक्त रक्षा उत्पादन, तकनीकी सहयोग और उन्नत रक्षा प्रौद्योगिकी में क्षमता निर्माण को बढ़ावा देना है। इसके साथ ही, महत्वपूर्ण खनिजों पर एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर भी हस्ताक्षर किए गए हैं, जिससे रणनीतिक क्षेत्रों में अनुसंधान, निवेश और सुरक्षित आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

आर्थिक अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई

इटली की ‘गार्डिया डि फिनान्जा’ और भारत के प्रवर्तन निदेशालय के बीच सहयोग को मजबूत करने पर सहमति बनी है। इसका उद्देश्य मनी लॉन्ड्रिंग, कर चोरी और आतंकवाद के वित्तपोषण जैसे आर्थिक अपराधों पर संयुक्त रूप से प्रभावी कार्रवाई करना है।

संस्कृति, पर्यटन और जनसंपर्क में विस्तार

दोनों देशों ने वर्ष 2027 को ‘संस्कृति और पर्यटन वर्ष’ के रूप में मनाने का निर्णय लिया है, जिससे सांस्कृतिक आदान-प्रदान, पर्यटन और आर्थिक अवसरों को बढ़ावा मिलेगा। इसके अलावा, भारतीय नर्सों की इटली में आवाजाही से संबंधित समझौता स्वास्थ्य सेवा क्षेत्र में रोजगार और सहयोग को मजबूत करेगा।

विरासत, शिक्षा और अनुसंधान में साझेदारी

गुजरात के लोथल में प्रस्तावित ‘राष्ट्रीय समुद्री विरासत परिसर’ को इटली का समर्थन मिला है, जिसका उद्देश्य विरासत संरक्षण और आधुनिक विकास को एक साथ जोड़ना है।उच्च शिक्षा और अनुसंधान के लिए एक विस्तृत रोडमैप तैयार किया गया है, जिससे छात्र आदान-प्रदान, शैक्षणिक साझेदारी और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा।

समुद्री, कृषि और व्यापारिक सहयोग

समुद्री परिवहन और बंदरगाहों पर समझौता (MoU) से लॉजिस्टिक्स और व्यापारिक संपर्क मजबूत होंगे। कृषि क्षेत्र में सहयोग के तहत तकनीकी हस्तांतरण, टिकाऊ खेती और उत्पादकता बढ़ाने पर जोर दिया गया है।इसके साथ ही, MPEDA और ASSOITTICA ITALIA के बीच समझौता भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात को बढ़ावा देगा और इटली के साथ समुद्री खाद्य व्यापार का विस्तार करेगा।

पारंपरिक चिकित्सा और वैज्ञानिक सहयोग

आयुर्वेद के क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए भी समझौता हुआ है, जिससे पारंपरिक भारतीय चिकित्सा प्रणाली को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बढ़ावा मिलेगा।

वैज्ञानिक सहयोग के तहत—

IITM पुणे और CMCC इटली जलवायु परिवर्तन और स्थिरता पर मिलकर काम करेंगे

DST और Elettra Sincrotrone Trieste भारतीय शोधकर्ताओं को उन्नत सिंक्रोट्रॉन सुविधाओं तक पहुंच देंगे

IITM और ICTP मौसम विज्ञान, जलवायु विज्ञान और गणित में संयुक्त शोध को आगे बढ़ाएंगे

व्यापार और निवेश को नई गति

भारत और इटली ने व्यापार, निवेश, औद्योगिक सहयोग और नवाचार-आधारित विकास को बढ़ावा देने पर विशेष जोर दिया है। दोनों देशों ने माना कि मजबूत साझेदारी से आर्थिक अवसरों और वैश्विक सहयोग में नई संभावनाएँ खुलेंगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर कहा कि यह नई साझेदारी न केवल दोनों देशों के लिए बल्कि वैश्विक स्तर पर भी लाभकारी साबित होगी। उन्होंने विश्वास जताया कि यह यात्रा निवेश, व्यापार, सांस्कृतिक संबंधों और आपसी सहयोग को और गहरा करेगी।

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