
बरसी पर याद आया पहलगाम! ऑस्ट्रेलिया बोला आतंकवाद के खिलाफ भारत के साथ
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त का एकजुटता का संदेश बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ऑस्ट्रेलिया के हाई...
नई दिल्ली: पहलगाम के जघन्य आतंकी हमले को आज एक वर्ष पूरा हो गया है। इस दर्दनाक घटना की पहली बरसी पर भारत में ऑस्ट्रेलिया के उच्चायुक्त फिलिप ग्रीन ओएएम (Philip Green OAM) ने पीड़ितों को नमन करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आतंकवाद के विरुद्ध इस निर्णायक लड़ाई में ऑस्ट्रेलिया पूरी तरह भारत के साथ खड़ा है।
ऑस्ट्रेलियाई उच्चायुक्त का एकजुटता का संदेश
बुधवार को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (पूर्व में ट्विटर) पर अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए ऑस्ट्रेलिया के हाई कमिश्नर फिलिप ग्रीन ने लिखा, "आज एक साल बाद, हम अपने भारतीय मित्रों के साथ मिलकर उस भयानक पहलगाम आतंकवादी हमले में मारे गए निर्दोष लोगों को याद करते हैं। हम उन परिवारों के असीम दर्द को समझते हैं जिन्होंने अपनों को खोया है। ऑस्ट्रेलिया हर स्वरूप में आतंकवाद के खिलाफ मजबूती से खड़ा है।"
One year on, we join our Indian friends & colleagues to remember the innocent lives lost in the horrific terrorist attack in #Pahalgam. We honour the victims & their families who continue to grieve today. Australia stands against terrorism in all its forms. @narendramodi @AlboMP
— Philip Green OAM (@AusHCIndia) April 22, २०२६
अर्जेंटीना ने भी जताई संवेदना
ऑस्ट्रेलिया के साथ-साथ अर्जेंटीना ने भी भारत के प्रति अपना समर्थन दोहराया है। अर्जेंटीना के राजदूत मारियानो कॉसिनो ने 'एक्स' पर साझा किए गए अपने संदेश में कहा, "भारत के खिलाफ हुए पहलगाम आतंकी हमले की उस दुखद घटना को एक साल बीत चुका है। अर्जेंटीना की सरकार और वहां की जनता की ओर से, हम पिछले साल आज के ही दिन जान गंवाने वाले उन निर्दोष लोगों को श्रद्धांजलि देते हैं। उन्हें कभी भुलाया नहीं जा सकता। हमारी संवेदनाएं प्रभावित परिवारों और उनके प्रियजनों के साथ हैं। हम भारत के साथ एकजुट हैं और हर प्रकार के आतंक की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं।"
पहलगाम हमला: जब पाकिस्तान समर्थित आतंक ने ली 26 जानें
विदित हो कि पिछले वर्ष 22 अप्रैल को पहलगाम में पाकिस्तान समर्थित आतंकवादियों ने कायराना हरकत करते हुए 26 निर्दोष पर्यटकों की चुन-चुनकर हत्या कर दी थी। इस बर्बर हमले की जिम्मेदारी पाकिस्तान स्थित लश्कर-ए-तैयबा की शाखा, 'द रेजिस्टेंस फ्रंट' (TRF) ने ली थी। मृतकों में 25 पर्यटक और एक स्थानीय 'पोनी वाला' शामिल था, जिसने साहस का परिचय देते हुए पर्यटकों की जान बचाने की कोशिश की थी। इस घटना के बाद वैश्विक स्तर पर पाकिस्तान की तीखी आलोचना हुई थी।
भारत का जवाब: 'ऑपरेशन सिंदूर' और जीरो टॉलरेंस
आतंक की इस घिनौनी करतूत का जवाब देने के लिए भारतीय सेना ने 7 और 8 मई को 'ऑपरेशन सिंदूर' का आगाज किया था। इसके तहत सेना ने पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में सक्रिय नौ बड़े आतंकी लॉन्च पैड्स को निशाना बनाया। यह एक अत्यंत संतुलित और रणनीतिक सैन्य कार्रवाई थी।
'ऑपरेशन सिंदूर' ने न केवल भारत की सैन्य और सामरिक श्रेष्ठता को सिद्ध किया, बल्कि भविष्य में होने वाले बड़े खतरों को भी समय रहते टाल दिया। इस सफल अभियान ने अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के प्रति भारत की 'जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी' को और अधिक सशक्त रूप में स्थापित किया है।

