पीएम मोदी 5 देशों यात्रा पर निकले, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा मुद्दा
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी नई दिल्ली से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के अपने पांच देशों के दौरे के पहले चरण के लिए अबू धाबी के लिए रवाना हुए। फोटो: पीटीआई (PTI)

पीएम मोदी 5 देशों यात्रा पर निकले, व्यापार और ऊर्जा सुरक्षा मुद्दा

अपनी छ: दिवसीय यात्रा के दौरान यूएई, नीदरलैंड, स्वीडन, नॉर्वे और इटली के शीर्ष नेताओं से मुलाकात करेंगे पीएम मोदी। वैश्विक साझेदारी को मजबूत करने पर ध्यान...


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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पहला पड़ाव संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) है, जहां वे खाड़ी देश में लगभग चार घंटे बिताएंगे। इस दौरान वे यूएई के राष्ट्रपति शेख मोहम्मद बिन जायद अल नाहयान के साथ व्यापक स्तर की वार्ता करेंगे। इस बैठक में भारत-यूएई व्यापक रणनीतिक साझेदारी को आगे बढ़ाने और पश्चिम एशिया के संघर्ष पर विचारों का आदान-प्रदान करने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। दोनों नेताओं के बीच होने वाली इस वार्ता के बाद भारत और यूएई द्वारा तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (एलपीजी) और रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने के लिए दो महत्वपूर्ण समझौतों को अंतिम रूप दिए जाने की उम्मीद है। यह कदम ऐसे समय में उठाया जा रहा है जब अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष और तेहरान द्वारा होर्मुज जलडमरू मध्य (Strait of Hormuz) की नाकाबंदी के कारण वैश्विक ऊर्जा बाजार अस्थिर हो गया है, क्योंकि दुनिया की कुल पेट्रोलियम आपूर्ति का लगभग 20 प्रतिशत हिस्सा इसी मार्ग से गुजरता है।

व्यापार और निवेश संबंध तथा प्रवासी भारतीयों का कल्याण

पीएम मोदी और राष्ट्रपति अल नाहयान के बीच होने वाली बैठक में द्विपक्षीय व्यापार और निवेश संबंधों को बढ़ावा देने पर भी विस्तार से विचार-विमर्श किया जाएगा। पिछले 25 वर्षों के संचयी आंकड़ों के अनुसार, यूएई भारत का तीसरा सबसे बड़ा व्यापारिक भागीदार और सातवां सबसे बड़ा निवेश स्रोत है। इसके साथ ही, यूएई में 4.5 मिलियन (45 लाख) से अधिक की मजबूत भारतीय आबादी निवास करती है, इसलिए अधिकारियों के अनुसार यह यात्रा प्रवासी भारतीयों के कल्याण पर चर्चा करने का एक महत्वपूर्ण अवसर भी होगी। खाड़ी देश का अपना संक्षिप्त दौरा पूरा करने के बाद प्रधानमंत्री यूरोप की यात्रा के लिए रवाना होंगे।

यूरोप दौरा: नीदरलैंड के साथ व्यापक आर्थिक साझेदारी को मजबूती

अपनी यात्रा के दूसरे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 15 से 17 मई तक नीदरलैंड के दौरे पर रहेंगे। वर्ष 2017 के बाद नीदरलैंड की यह उनकी दूसरी यात्रा होगी। अपनी इस यात्रा के दौरान मोदी नीदरलैंड के राजा विलेम-अलेक्जेंडर और रानी मैक्सिमा से मुलाकात करेंगे तथा वहां के प्रधानमंत्री रॉब जेटेन के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा दोनों देशों के बीच बहुआयामी साझेदारी को और अधिक गहरा तथा विस्तृत करने का अवसर प्रदान करेगी। नीदरलैंड यूरोप में भारत के सबसे बड़े व्यापारिक स्थलों में से एक है, जिसके साथ वर्ष 2024-25 में 27.8 बिलियन अमेरिकी डॉलर का द्विपक्षीय व्यापार हुआ था। इसके अलावा, यह देश 55.6 बिलियन अमेरिकी डॉलर के संचयी प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) के साथ भारत का चौथा सबसे बड़ा निवेशक है। अधिकारियों ने बताया कि पीएम का यह दौरा रक्षा, सुरक्षा, नवाचार, ग्रीन हाइड्रोजन, सेमीकंडक्टर्स और जल पर रणनीतिक साझेदारी सहित विभिन्न क्षेत्रों में उच्च स्तरीय जुड़ाव को गति देगा।

स्वीडन यात्रा: उभरती प्रौद्योगिकियों और एआई पर मुख्य ध्यान

नीदरलैंड के बाद, प्रधानमंत्री अपने स्वीडिश समकक्ष उल्फ क्रिस्टरसन के निमंत्रण पर 17 से 18 मई तक दो दिवसीय यात्रा के लिए स्वीडन जाएंगे। इससे पहले मोदी ने अप्रैल 2018 में पहले भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन के लिए स्वीडन का दौरा किया था। इस बार प्रधानमंत्री मोदी और पीएम क्रिस्टरसन द्विपक्षीय संबंधों के पूरे दायरे की समीक्षा करने और द्विपक्षीय व्यापार को बढ़ाने के लिए सहयोग के नए रास्ते तलाशेंगे, जो वर्ष 2025 में 7.75 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था। विदेश मंत्रालय के अनुसार, दोनों पक्ष अपनी बातचीत में ग्रीन ट्रांजिशन (हरित संक्रमण), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), उभरती प्रौद्योगिकियों, स्टार्टअप्स, लचीली आपूर्ति श्रृंखलाओं, रक्षा, अंतरिक्ष, जलवायु कार्रवाई और लोगों के बीच आपसी संबंधों को बढ़ावा देने पर ध्यान केंद्रित करेंगे। इसके अतिरिक्त, दोनों प्रधानमंत्री यूरोपीय आयोग की अध्यक्ष उर्सुला वॉन डेर लेयेन के साथ यूरोपीय राउंड टेबल फॉर इंडस्ट्री (एक प्रमुख अखिल यूरोपीय व्यापारिक नेताओं का मंच) को भी संबोधित करेंगे।

नॉर्वे की ऐतिहासिक यात्रा और तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन

अपनी यात्रा के चौथे चरण में प्रधानमंत्री मोदी 18 से 19 मई तक नॉर्वे का दौरा करेंगे, जहां वे तीसरे भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन में भाग लेने के साथ-साथ देश के नेतृत्व के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। यह प्रधानमंत्री मोदी की नॉर्वे की पहली यात्रा होगी और पिछले 43 वर्षों में किसी भारतीय प्रधानमंत्री द्वारा की जाने वाली यह पहली नॉर्वे यात्रा है। मोदी नॉर्वे के राजा हेराल्ड V और रानी सोंजा से मुलाकात करेंगे तथा प्रधानमंत्री जोनास गहर स्टोर के साथ द्विपक्षीय वार्ता का आयोजन करेंगे। वह नार्वे के प्रधानमंत्री के साथ भारत-नॉर्वे बिजनेस एंड रिसर्च समिट को भी संबोधित करेंगे। विदेश मंत्रालय के अनुसार, यह यात्रा भारत-नॉर्वे संबंधों की प्रगति की समीक्षा करने और भारत-ईएफटीए (EFTA) व्यापार और आर्थिक साझेदारी समझौते का लाभ उठाते हुए व्यापार, निवेश, स्वच्छ और हरित तकनीक तथा ब्लू इकॉनमी (समुद्री अर्थव्यवस्था) पर ध्यान केंद्रित करने का अवसर देगी। यूरोपीय मुक्त व्यापार संघ (EFTA) देशों में आइसलैंड, लिचेंस्टीन, नॉर्वे और स्विट्जरलैंड शामिल हैं।

तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन और इटली दौरा

तीसरा भारत-नॉर्डिक शिखर सम्मेलन 19 मई को ओस्लो में आयोजित किया जाएगा, जिसमें पीएम मोदी के साथ नॉर्वे, डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड और स्वीडन के प्रधानमंत्री शामिल होंगे। यह सम्मेलन पूर्व में अप्रैल 2018 (स्टॉकहोम) और मई 2022 (कोपेनहेगन) में आयोजित दो शिखर सम्मेलनों की निरंतरता में हो रहा है, जिससे नॉर्डिक देशों के साथ भारत के संबंधों को अधिक रणनीतिक आयाम मिलने की उम्मीद है। अपनी यात्रा के अंतिम चरण में, पीएम मोदी अपनी इतालवी समकक्ष जॉर्जिया मेलोनी के निमंत्रण पर 19 से 20 मई तक इटली की आधिकारिक यात्रा पर रहेंगे। इससे पहले वे जून 2024 में जी7 शिखर सम्मेलन के लिए इटली गए थे। इस यात्रा के दौरान वह राष्ट्रपति सर्जियो मटारेला से भेंट करेंगे और पीएम मेलोनी के साथ वार्ता करेंगे। विदेश मंत्रालय ने बताया कि यह यात्रा दोनों पक्षों द्वारा संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 को सक्रिय रूप से लागू करने की पृष्ठभूमि में हो रही है, जो विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग का एक व्यापक रोडमैप है। वर्ष 2025 में भारत-इटली द्विपक्षीय व्यापार 16.77 बिलियन अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया था।

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