पुलवामा का मास्टरमाइंड अल-बद्र कमांडर अरजमंद की पाकिस्तान में हत्या
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पुलवामा का मास्टरमाइंड अल-बद्र कमांडर अरजमंद की पाकिस्तान में हत्या

पुलवामा में बड़े हमलों का मास्टरमाइंड माना जाने वाला अल-बद्र कमांडर अरजमंद गुलजार पाकिस्तान में मारा गया। साल 2022 में सरकार ने उसे आतंकी घोषित किया था।


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Al-Badr Commander Arazmand Gulzar Killed: जम्मू-कश्मीर में कई बड़ी आतंकी वारदातों और पुलवामा हमले का मास्टरमाइंड माना जाने वाला अल-बद्र कमांडर अरजमंद गुलजार पाकिस्तान में मारा गया है। सीमा पार सुरक्षित ठिकानों पर छिपकर भारत के खिलाफ साजिश रचने वाले इस टॉप आतंकी की हत्या को सुरक्षा एजेंसियां टेरर नेटवर्क पर सबसे बड़ी चोट मान रही हैं। अरजमंद उर्फ 'बुरहान हमजा' पाकिस्तान में बैठकर ही पूरे दक्षिण कश्मीर में खूनी खेल खेलने के लिए सीधे तौर पर जिम्मेदार माना जाता था।

वैध पासपोर्ट पर पाकिस्तान जाकर संभाली कमान

पुलवामा के रत्नीपोरा का रहने वाला अरजमंद गुलजार करीब 7 साल पहले कानूनी तौर पर पासपोर्ट और वीजा लेकर पाकिस्तान भागा था। वहां पहुंचते ही उसने प्रतिबंधित संगठन अल-बद्र का दामन थाम लिया था। आतंक की ट्रेनिंग लेने के बाद उसने संगठन में तेजी से अपनी पकड़ मजबूत की और ऑपरेशनल कमांडर बन गया। इसके बाद वह वहीं से कश्मीर में आतंकियों की भर्ती और हथियारों की सप्लाई लाइन संभालने लगा।

भारतीय गृह मंत्रालय की हिट लिस्ट में था शामिल

कश्मीर में बढ़ती हिंसक वारदातों के बाद भारतीय सुरक्षा एजेंसियों ने उसे अपनी 'मोस्ट वांटेड' सूची में डाल दिया था। इसके बाद भारत सरकार के गृह मंत्रालय ने सख्त कदम उठाते हुए साल 2022 में उसे आधिकारिक तौर पर यूएपीए (UAPA) के तहत आतंकवादी घोषित किया। सरकारी दस्तावेजों के मुताबिक, वह पुलवामा और आसपास के जिलों में युवाओं का ब्रेनवाश करने और टेरर फंडिंग जुटाने का मुख्य सूत्रधार था।

सोशल मीडिया के जरिए युवाओं को भड़काने का आरोप

पुलवामा लंबे समय से सीमा पार से होने वाली साजिशों का केंद्र रहा है। पूर्व में बुरहान वानी ने जिस तरह सोशल मीडिया का इस्तेमाल कर युवाओं को कट्टरपंथ की तरफ मोड़ा था, अरजमंद भी उसी राह पर चल रहा था। वह इंटरनेट और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल कर स्थानीय लड़कों को भड़काता था। वह पाकिस्तान में बैठकर ही भारत के खिलाफ जहर उगलने वाले प्रोपेगैंडा वीडियो तैयार करता था।

शोपियां और अवंतीपोरा तक फैला था इसका जाल

सुरक्षा एजेंसियों की जांच में सामने आया है कि अरजमंद का नेटवर्क पुलवामा के अलावा शोपियां और अवंतीपोरा में भी काफी मजबूत था। वह पाकिस्तान से सीधे स्थानीय ओवरग्राउंड वर्कर्स (OGWs) के संपर्क में रहता था। इन वर्कर्स के जरिए ही वह घाटी में हथियार, आईईडी और पैसा ठिकाने तक पहुंचाता था। उस पर सुरक्षा बलों पर ग्रेनेड हमलों की साजिश रचने के कई गंभीर मुकदमे दर्ज थे।

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