
दक्षिण सूडान में भीषण विमान हादसा, पायलट समेत सभी 14 लोगों की मौत
दक्षिण सूडान की राजधानी जुबा के पास एक छोटा 'सेसना' विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौत हो गई। विमान ने जुबा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से उड़ान भरी थी, लेकिन वो 20 किलोमीटर दूर ही क्रैश हो गया।
अफ्रीकी देश दक्षिण सूडान से एक बार फिर दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। सोमवार सुबह राजधानी जुबा के पास एक छोटा यात्री विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया, जिसमें सवार सभी 14 लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। स्थानीय अधिकारियों और नागरिक उड्डयन प्राधिकरण के अनुसार, इस हादसे में कोई भी जीवित नहीं बचा है। मरने वालों में 13 यात्री और विमान का पायलट शामिल है।
हादसे का विवरण और शुरुआती जांच
दक्षिण सूडान नागरिक उड्डयन प्राधिकरण (Civil Aviation Authority) द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक, दुर्घटनाग्रस्त विमान 'सेसना' (Cessna) मॉडल का था। इस विमान ने सोमवार सुबह करीब 07:15 GMT पर जुबा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से अपनी मंजिल के लिए उड़ान भरी थी। लेकिन उड़ान भरने के कुछ ही देर बाद, राजधानी से लगभग 20 किलोमीटर की दूरी पर यह विमान अचानक जमीन पर गिर गया।
शुरुआती जांच रिपोर्टों में इस भीषण दुर्घटना का कारण "प्रतिकूल मौसम की स्थिति", विशेष रूप से "लो विजिबिलिटी" (बेहद कम दृश्यता) को बताया गया है। अधिकारियों का कहना है कि पायलट को कम दृश्यता के कारण दिशा का अंदाजा नहीं रहा होगा, जिससे यह भयावह हादसा हुआ।
शवों की पहचान करना हुआ मुश्किल
दुर्घटना स्थल पर पहुंची संयुक्त राष्ट्र (UN) की बचाव टीम के एक सदस्य ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि नजारा बेहद हृदयविदारक था। विमान गिरने के बाद उसमें भीषण आग लग गई थी। बचावकर्मी के अनुसार, "सभी शव इतनी बुरी तरह जल चुके हैं कि उनकी पहचान करना लगभग असंभव हो गया है।" मृतकों की नागरिकता के बारे में जानकारी देते हुए प्रशासन ने बताया कि इस हादसे का शिकार हुए लोगों में 12 नागरिक दक्षिण सूडान के थे, जबकि 2 नागरिक केन्या के रहने वाले थे।
दक्षिण सूडान: असुरक्षित आसमान और खराब इंफ्रास्ट्रक्चर
यह हादसा एक बार फिर दक्षिण सूडान में परिवहन सुरक्षा और बुनियादी ढांचे की जर्जर हालत को उजागर करता है। दक्षिण सूडान लंबे समय से अस्थिरता, संघर्ष और गरीबी की मार झेल रहा है। देश में भरोसेमंद सड़क परिवहन की भारी कमी है, जिसके कारण लोग और सामान ढुलाई के लिए हवाई यात्रा पर निर्भर रहते हैं।
दुर्भाग्य से, यहाँ विमान हादसों का इतिहास बहुत पुराना और डरावना है। विशेषज्ञों का कहना है कि अक्सर पुराने विमानों का इस्तेमाल, क्षमता से अधिक भार (Overloading) लादना और अचानक बदलने वाला खराब मौसम इन हादसों की मुख्य वजह रहे हैं।
हादसों का काला इतिहास
दक्षिण सूडान में हवाई दुर्घटनाएं कोई नई बात नहीं हैं। पिछले कुछ वर्षों के आंकड़ों पर नजर डालें तो स्थिति चिंताजनक दिखती है:
जनवरी 2025: उत्तरी दक्षिण सूडान में एक विमान हादसे में 20 लोगों की जान चली गई थी।
2021: विश्व खाद्य कार्यक्रम (WFP) के लिए ईंधन ले जा रहा एक कार्गो विमान क्रैश हो गया था, जिसमें पांच लोगों की मौत हुई थी।
2015: सोवियत काल का एक 'एंटोनोव' विमान जुबा में दुर्घटनाग्रस्त हुआ था, जिसमें 36 लोगों ने अपनी जान गंवाई थी।
2017: एक चमत्कारिक घटना भी हुई थी जब एक विमान रनवे से फिसलकर फायर ट्रक से टकरा गया और आग लग गई, लेकिन विमान में सवार सभी 37 लोग सुरक्षित बच निकलने में कामयाब रहे थे।

