
ट्रंप ने ईरान पर मढ़ा आरोप, पर भारत ने अमेरिकी दूत को किया तलब!
खाड़ी क्षेत्र में मर्चेंट नेवी के भारतीय क्रू वाले जहाजों पर हुआ ड्रोन हमला. राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को ठहराया जिम्मेदार; दी बेहद सख्त चेतावनी.
Donald Trump On Iran: खाड़ी क्षेत्र (Gulf Region) में मर्चेंट नेवी के भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर एक बहुत बड़ा और बेहद संवेदनशील अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक विवाद खड़ा हो गया है. एक तरफ अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर दावा किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से निकल रहे भारतीय जहाजों पर बीती रात ईरान ने ड्रोन हमला किया था, जिसे उन्होंने 'पूरी तरह अस्वीकार्य' बताया.
लेकिन इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट भारत सरकार के रुख से आया है. नई दिल्ली ने इस मामले में सीधे अमेरिकी सेना को कटघरे में खड़ा कर दिया है. भारत ने आज 48 घंटे के भीतर दूसरी बार अमेरिकी कार्यवाहक राजदूत जेसन मीक्स को विदेश मंत्रालय में तलब किया. भारत ने अमेरिका को बेहद कड़े शब्दों में दोटूक कह दिया है कि भारतीय क्रू वाले वाणिज्यिक जहाजों पर अमेरिकी सेना द्वारा किए जा रहे 'घातक और जानलेवा' हमले किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं हैं.
मर्चेंट नेवी के गलियारों में हड़कंप: खाड़ी क्षेत्र में काम कर रहे भारतीय क्रू की सुरक्षा पर बड़ा संकट
दुनिया भर के मर्चेंट नेवी जहाजों में भारतीय नाविकों की आबादी सबसे ज्यादा है और होर्मुज जलडमरूमध्य जैसे संवेदनशील वैश्विक तेल मार्ग पर भारतीय क्रू लगातार अपनी सेवाएं देता है. ईरान पर लगे ट्रंप के इस सीधे आरोप के बाद अंतरराष्ट्रीय स्तर पर हड़कंप मच गया है:
ट्रंप का सीधा वार: राष्ट्रपति ट्रंप ने स्पष्ट किया है कि होर्मुज जलडमरूमध्य को पार कर बाहर निकल रहे भारतीय जहाजों पर यह ड्रोन हमला ईरान की तरफ से किया गया था. इसे वैश्विक व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ एक बड़ी साजिश माना जा रहा है.
बाल-बाल बची नाविकों की जान: राहत की बात यह रही कि भारतीय नाविकों की सूझबूझ और सुरक्षा घेरे की मुस्तैदी से इस पूरी साजिश को नाकाम कर दिया गया. जहाजों को कोई बड़ा नुकसान नहीं पहुंचा है और सभी भारतीय क्रू मेंबर्स पूरी तरह सुरक्षित बताए जा रहे हैं.
'ईरान ने लीक की फर्जी शर्तें' - भड़के ट्रंप ने समझौते पर लिया यू-टर्न
भारतीय जहाजों पर हुए इस ड्रोन हमले का आरोप लगाने के साथ ही राष्ट्रपति ट्रंप ने ईरान के साथ होने वाले कथित समझौते की खबरों पर भी एक बड़ा और कड़ा यू-टर्न ले लिया है. ईरान द्वारा मीडिया में लीक की गई शर्तों को पूरी तरह 'मनगढ़ंत' बताते हुए ट्रंप ने तेहरान की साख पर बड़े सवाल खड़े किए.
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर लिखा:
"ईरान ने फर्जी मीडिया को जो शर्तें लीक की हैं, उनका लिखित में तय हुई वास्तविक शर्तों से दूर-दूर तक कोई लेना-देना नहीं है. सौदा होने को लेकर उनका कमजोर और दयनीय बयान सच्चाई से कोसों दूर है. ये बेहद ही गैर-भरोसेमंद लोग हैं, जिनके साथ ईमानदारी से डील करना नामुमकिन है. कमाल है! इसके अलावा, बीती रात होर्मुज जलडमरूमध्य से निकल रहे भारतीय जहाजों पर उनका (ईरान का) ड्रोन हमला, जिसे पूरी तरह नाकाम कर दिया गया, पूरी तरह अस्वीकार्य है. वे जल्द से जल्द अपनी हरकतें सुधारें, और वो भी तुरंत!"
क्या खटाई में पड़ जाएगी जिनेवा की महा-डील?
इससे पहले ईरानी मीडिया के हवाले से यह दावा किया जा रहा था कि अमेरिका ईरान पर से सभी तेल प्रतिबंध हटाने और लेबनान में इजरायली हमले रुकवाने पर सहमत हो गया है. लेकिन अब भारतीय नाविकों के जहाजों पर हुए हमले के लिए ईरान को सीधे तौर पर जिम्मेदार ठहराने और ट्रंप के इस कड़े पलटवार के बाद, रविवार को जिनेवा में अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस और ईरानी नेतृत्व के बीच होने वाली संभावित महा-डील पूरी तरह खटाई में पड़ती नजर आ रही है. भारत की वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति और समुद्र में हमारे नाविकों की सुरक्षा को सीधे प्रभावित करने वाली इस घटना के बाद अब अंतरराष्ट्रीय कूटनीति में एक नया उबाल आना तय माना जा रहा है.

