
ट्रम्प ने ठुकराया ईरान का शांति प्रस्ताव, मध्य पूर्व में फिर युद्ध की आहट
ट्रम्प ने ईरान की शर्तों को बताया 'अस्वीकार्य'। ईरान ने दी जवाबी कार्रवाई की चेतावनी। नेतन्याहू बोले- जब तक परमाणु ठिकाने खत्म नहीं होते, युद्ध जारी रहेगा।
USA Iran War : अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने मध्य पूर्व में पिछले दो महीनों से जारी भीषण युद्ध को समाप्त करने के ईरान के ताजा शांति प्रस्ताव को सिरे से खारिज कर दिया है। ट्रम्प ने तेहरान की शर्तों को "पूरी तरह से अस्वीकार्य" करार देते हुए साफ कर दिया है कि वह किसी भी ऐसे समझौते के पक्ष में नहीं हैं जो अमेरिका के हितों के खिलाफ हो। राष्ट्रपति ने दावा किया कि ईरान सैन्य रूप से घुटने टेक चुका है और उसका परमाणु कार्यक्रम अब नियंत्रण में है। हफ्तों तक चली कूटनीतिक बातचीत के बाद ट्रम्प के इस कड़े रुख ने क्षेत्र में एक बार फिर बड़े संघर्ष की आशंका पैदा कर दी है। 79 वर्षीय रिपब्लिकन नेता ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट कर इस फैसले की जानकारी दी, जिससे वैश्विक तेल बाजारों और कूटनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
ईरान की शर्तें और अमेरिकी इनकार
ईरान ने पाकिस्तान के माध्यम से अपना जवाब अमेरिका को भेजा था। वॉल स्ट्रीट जर्नल के अनुसार, ईरान ने अपने समृद्ध यूरेनियम को पतला करने या किसी तीसरे देश को भेजने का प्रस्ताव दिया था। हालांकि, ईरान ने इसके बदले गारंटी मांगी थी कि समझौता टूटने पर यह यूरेनियम उसे वापस मिले। ट्रम्प ने इन शर्तों को मानने से इनकार कर दिया है।
स्पेस फोर्स की निगरानी और हमला
राष्ट्रपति ट्रम्प ने पत्रकार शेरिल एटकिंसन से बातचीत में एक चौंकाने वाला खुलासा किया। उन्होंने दावा किया कि 'स्पेस फोर्स' ईरान के परमाणु भंडारों की पल-पल की निगरानी कर रही है। ट्रम्प ने चेतावनी दी कि यदि कोई भी उन ठिकानों के पास गया, तो अमेरिका उन्हें तुरंत उड़ा देगा। उन्होंने कहा कि उनकी तकनीक इतनी उन्नत है कि वह ठिकानों पर मौजूद व्यक्ति का नाम और पता तक बता सकती है।
ईरान का पलटवार और युद्ध की धमकी
ईरान ने भी अमेरिका के शांति प्रस्ताव को "आत्मसमर्पण" करार देते हुए ठुकरा दिया है। ईरानी राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन ने स्पष्ट किया कि वे दुश्मन के सामने कभी नहीं झुकेंगे। ईरान ने मांग की है कि अमेरिका युद्ध का हर्जाना दे और हॉर्मुज जलडमरूमध्य पर ईरान की संप्रभुता स्वीकार करे। इसके साथ ही तेहरान ने प्रतिबंध हटाने और जब्त संपत्ति को छोड़ने की शर्त भी रखी है।
नेतन्याहू का इजरायली रुख
इजरायली प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने साफ कर दिया है कि जब तक ईरान के परमाणु ठिकाने पूरी तरह नष्ट नहीं होते, युद्ध खत्म नहीं होगा। उन्होंने '60 मिनट्स' को दिए साक्षात्कार में कहा कि समृद्ध यूरेनियम को ईरान से बाहर निकालना अनिवार्य है। नेतन्याहू ने दावा किया कि ट्रम्प भी सैन्य कार्रवाई के जरिए इन ठिकानों को खत्म करने के पक्ष में हैं।
तेल संकट और हॉर्मुज की नाकेबंदी
ईरान ने दुनिया की सबसे महत्वपूर्ण तेल सप्लाई लाइन 'हॉर्मुज जलडमरूमध्य' की नाकेबंदी कर दी है। इससे वैश्विक स्तर पर तेल की कीमतें आसमान छू रही हैं और वित्तीय बाजार डगमगा गए हैं। ईरान ने चेतावनी दी है कि वह इस जलमार्ग में किसी भी विदेशी युद्धपोत को बर्दाश्त नहीं करेगा। वहीं, अमेरिका ने कहा है कि एक अंतरराष्ट्रीय जलमार्ग पर ईरान का नियंत्रण उसे कतई मंजूर नहीं है।
वैश्विक गठबंधन की तैयारी
ब्रिटेन और फ्रांस अब हॉर्मुज में सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 40 से अधिक देशों की बैठक बुला रहे हैं। दोनों देशों ने क्षेत्र में अपने जहाज भी भेजने की तैयारी कर ली है। हालांकि, ईरान ने धमकी दी है कि अगर ब्रिटेन या फ्रांस ने वहां दखल दिया, तो उसे तत्काल और निर्णायक जवाब मिलेगा। फ्रांस ने बाद में स्पष्ट किया कि वह ईरान के साथ तालमेल बिठाकर ही सुरक्षा मिशन चलाना चाहता है।
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