
धरती के नीचे क्या चल रहा है? वेनेजुएला में डबल भूकंप ने बढ़ाई दुनिया की चिंता
वेनेजुएला में एक ही दिन आए दो शक्तिशाली भूकंपों से भारी तबाही मची। कई इमारतें ढहीं, आफ्टरशॉक्स जारी हैं और देशभर में राहत अभियान चल रहा है।
वेनेजुएला में एक ही दिन के भीतर आए दो शक्तिशाली भूकंपों ने पूरे देश को दहला दिया है। कुछ मिनटों के भीतर दो भूकंप के बाद कई इमारतों के ढहने, भारी तबाही और बड़ी संख्या में लोगों के हताहत होने की आशंका जताई जा रही है। राजधानी काराकास समेत कई शहरों में लोग डर के मारे घरों से बाहर निकल आए हैं, जबकि राहत और बचाव अभियान युद्धस्तर पर जारी है।
स्थानीय समयानुसार शाम 6:04 बजे आए पहले झटके के बाद कुछ ही समय में दूसरा और अधिक शक्तिशाली भूकंप दर्ज किया गया। झटकों का असर सिर्फ वेनेजुएला तक सीमित नहीं रहा, बल्कि पड़ोसी देश कोलंबिया की राजधानी बोगोटा तक महसूस किया गया।
1900 के बाद का सबसे बड़ा भूकंप?
प्रारंभिक रिपोर्टों के मुताबिक यह वेनेजुएला में वर्ष 1900 के बाद आया सबसे शक्तिशाली भूकंप माना जा रहा है। चूंकि घटना राष्ट्रीय अवकाश के दिन हुई, इसलिए बड़ी संख्या में लोग अपने घरों में मौजूद थे। ऐसे में जनहानि की आशंका और बढ़ गई है।हालांकि मृतकों और घायलों की आधिकारिक संख्या अभी सामने नहीं आई है, लेकिन कई इमारतों के जमींदोज होने की खबरें लगातार मिल रही हैं।
क्यों आए एक ही दिन में दो बड़े भूकंप?
अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (USGS) के अनुसार वेनेजुएला दुनिया के सबसे सक्रिय भूकंपीय क्षेत्रों में से एक में स्थित है।वैज्ञानिकों का कहना है कि यहां धरती के नीचे कैरेबियन प्लेट और साउथ अमेरिकन प्लेट एक-दूसरे से टकराती हैं। दूसरे और अधिक शक्तिशाली भूकंप का कारण शैलो स्ट्राइक-स्लिप फॉल्टिंग बताया गया है।
सरल शब्दों में कहें तो जब दो विशाल टेक्टोनिक प्लेटें एक-दूसरे के समानांतर तेजी से रगड़ खाती हैं, तो धरती के भीतर जमा ऊर्जा अचानक बाहर निकलती है और भूकंप का रूप ले लेती है।विशेषज्ञों के अनुसार एक ही दिन में दो बड़े भूकंप आना इस बात का संकेत है कि धरती के नीचे प्लेटों के बीच बेहद जटिल भूगर्भीय गतिविधियां चल रही हैं।
20 से ज्यादा आफ्टरशॉक्स ने बढ़ाई चिंता
राष्ट्रपति कार्यालय और अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के मुताबिक पहले भूकंप के बाद अब तक 20 से अधिक आफ्टरशॉक्स दर्ज किए जा चुके हैं।मौसम और भूविज्ञान एजेंसियों ने चेतावनी दी है कि आने वाले समय में और भी शक्तिशाली झटके महसूस किए जा सकते हैं। इसी वजह से प्रशासन लोगों को क्षतिग्रस्त इमारतों से दूर रहने की सलाह दे रहा है।
तबाही का सबसे ज्यादा असर तटीय इलाकों में
भूकंप का सबसे गंभीर असर वेनेजुएला के उत्तरी तटीय क्षेत्रों पर पड़ा है। ला गुएरा, अरागुआ, काराबोबो और फाल्कन जैसे इलाके बुरी तरह प्रभावित बताए जा रहे हैं।राजधानी काराकास से दिल दहला देने वाली तस्वीरें सामने आई हैं। कई बहुमंजिला इमारतें ढह गईं और मलबे में लोगों के फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मलबे के नीचे दबे लोग मदद के लिए पुकार रहे हैं, जबकि राहतकर्मी लगातार बचाव कार्य में जुटे हुए हैं।
बिजली और संचार व्यवस्था ठप
भूकंप के बाद राजधानी समेत कई इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित हो गई है। मोबाइल नेटवर्क और संचार सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं।स्थानीय निवासी मारिया एलिस के अनुसार उनके अपार्टमेंट की दीवारों में दरारें पड़ गई हैं, बिजली के खंभे गिर गए हैं और इलाके में न तो बिजली है और न ही मोबाइल सेवा काम कर रही है।आफ्टरशॉक्स के डर से लोग घरों में लौटने से बच रहे हैं और खुले स्थानों पर शरण लिए हुए हैं।
सरकार ने घोषित किया आपातकाल
स्थिति की गंभीरता को देखते हुए कार्यवाहक राष्ट्रपति डेल्सी रोड्रिगेज ने राष्ट्रीय आपातकाल की घोषणा कर दी है।सरकार ने राहत और बचाव कार्यों की निगरानी के लिए विशेष टीमों का गठन किया है और एक वरिष्ठ सैन्य अधिकारी को पूरे अभियान की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
सरकार के बड़े फैसले
भूकंप के बाद सरकार ने कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। परिवहन सेवाएं बंद और देशभर में ट्रेन और मेट्रो सेवाओं को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है। सुरक्षा कारणों से सप्ताह के बाकी दिनों के लिए सभी शैक्षणिक संस्थानों में कक्षाएं निलंबित कर दी गई हैं।
अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा बंद
काराकास के पास स्थित मैकेटिया अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे को भारी नुकसान पहुंचने के बाद बंद कर दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार भूकंप के दौरान टर्मिनल की छतों को नुकसान पहुंचा, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई।
बचाव अभियान जारी
राष्ट्रीय आपदा प्रतिक्रिया बल और स्थानीय रेस्क्यू टीमें मलबे में फंसे लोगों को निकालने में जुटी हुई हैं। हालांकि नुकसान और जनहानि का वास्तविक आंकड़ा अभी सामने आना बाकी है। विशेषज्ञों का मानना है कि आफ्टरशॉक्स का खतरा अभी टला नहीं है। ऐसे में प्रभावित इलाकों में रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और प्रशासन के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी गई है। फिलहाल पूरा वेनेजुएला इस प्राकृतिक आपदा से उबरने की कोशिश कर रहा है, जबकि दुनिया भर की निगाहें राहत और बचाव कार्यों पर टिकी हुई हैं।

