शांति वार्ता के बीच जंग; अमेरिका के हमले के बाद कुवैत पर ईरान का पलटवार
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शांति वार्ता के बीच जंग; अमेरिका के हमले के बाद कुवैत पर ईरान का पलटवार

मिडिल ईस्ट में बढ़ा महासंकट। अमेरिकी ड्रोन गिराए जाने के जवाब में ईरान के ठिकानों पर बमबारी, पलटवार में ईरान ने कुवैत को बनाया निशाना; तेल-गैस सप्लाई ठप।


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USA Iran War: एक तरफ जहां ईरान और अमेरिका के बीच पर्दे के पीछे शांति वार्ता की कोशिशें चल रही थीं, वहीं दूसरी तरफ मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) से आई एक बेहद खतरनाक खबर ने पूरी दुनिया की चिंता बढ़ा दी है. अमेरिकी सेना द्वारा ईरान के सैन्य ठिकानों पर की गई भीषण बमबारी के जवाब में ईरान ने कुवैत पर ड्रोन और मिसाइल हमला कर दिया है, जिसकी पुष्टि खुद कुवैत ने भी की है. इस ताजा सैन्य टकराव के कारण रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण 'होर्मुज जलडमरूमध्य' (Strait of Hormuz) पूरी तरह बंद है, जिसके चलते वैश्विक स्तर पर तेल और गैस की सप्लाई में भारी किल्लत साफ नजर आने लगी है.


अमेरिकी सेंट्रल कमान का एक्शन: ईरान के रडार और ड्रोन ठिकाने किए ध्वस्त
एसोसिएटेड प्रेस (AP) की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिकी सेना की सेंट्रल कमान ने आधिकारिक बयान जारी कर बताया कि उसने शनिवार और रविवार को ईरान के गेरुक शहर और क़ेशम द्वीप के आसपास के इलाकों पर सुनियोजित और बेहद सोच-समझकर हवाई हमले किए हैं.

अमेरिका ने इस कड़ी सैन्य कार्रवाई की वजह बताते हुए कहा कि यह हमला ईरान की उन आक्रामक हरकतों का जवाब था, जिसके तहत अंतरराष्ट्रीय हवाई क्षेत्र में उड़ान भर रहे एक अमेरिकी एमक्यू-1 ड्रोन (MQ-1 Predator Drone) को ईरान ने मार गिराया था. जवाब में अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने तुरंत उड़ान भरी और ईरानी हवाई सुरक्षा प्रणाली, एक ग्राउंड कंट्रोल स्टेशन और दो ऐसे आत्मघाती (एकतरफा) ड्रोनों को पूरी तरह नष्ट कर दिया, जो उस समुद्री क्षेत्र से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों के लिए सीधा खतरा बने हुए थे.


ईरान का कुवैत पर जवाबी हमला; कुवैत एयर डिफेंस ने शुरू की गोलीबारी
अमेरिका के इस हमले से बौखलाए ईरान ने सीधे कुवैत को अपना निशाना बनाया. कुवैत सरकार ने आधिकारिक रूप से स्वीकार किया है कि सोमवार तड़के उसकी हवाई सुरक्षा (Air Defence System) ने देश की सीमा में घुस रहे ईरानी ड्रोनों और मिसाइलों को हवा में ही मार गिराने के लिए भारी गोलीबारी शुरू कर दी.

गौरतलब है कि कुवैत में ही अमेरिकी सेना का सेंट्रल मुख्यालय स्थित है, जो मध्य पूर्व में अमेरिकी फौज की अग्रिम कमान (Forward Command) के रूप में काम करता है. इसी समय, ईरान के अर्धसैनिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने भी बयान जारी कर अमेरिकी हमले का जवाब देने की बात कही. ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए (IRNA) द्वारा जारी बयान में कहा गया कि अमेरिकी लड़ाकू विमानों ने उनके एक दूरसंचार टावर (Telecom Tower) को निशाना बनाया था, जिसके जवाब में यह कार्रवाई की गई.

ईरानी सरकारी टीवी पर मिसाइल लॉन्च का फुटेज; ट्रंप का उड़ाया मजाक
इस सैन्य टकराव के बीच ईरान ने अपनी ताकत का प्रदर्शन करते हुए सरकारी टेलीविजन पर मिसाइल लॉन्चिंग का एक वीडियो फुटेज जारी किया है. इस वीडियो में एक बेहद हैरान करने वाला प्रोपेगैंडा शॉट भी देखा गया, जिसमें लॉन्च की जा रही मिसाइल के बाहरी हिस्से पर एक स्टिकर का क्लोज-अप दिखाया गया है.

इस स्टिकर पर अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की एक घायल तस्वीर छपी है, जिसे "बंद" होर्मुज जलडमरूमध्य के ग्राफिक के ऊपर उकेरा गया है. मिसाइल पर लिखे कैप्शन में सीधे तौर पर अमेरिका को धमकी देते हुए लिखा गया है: "जब तक आखिरी अमेरिकी सैनिक इस क्षेत्र से नहीं चला जाता।" इस घटनाक्रम के बाद पूरे खाड़ी क्षेत्र में युद्ध के बादल गहरे हो गए हैं, जिससे वैश्विक ऊर्जा बाजार (Energy Market) में हड़कंप मच गया है.


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