
ईरान-अमेरिका डील पर सस्पेंस: ट्रंप का दावा, ईरानी मीडिया ने नकारा
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा - आज समझौते पर दस्तखत की उम्मीद, खुल जाएगा होर्मुज जलडमरूमध्य; ओबामा की JCPOA नीति को बताया परमाणु हथियार का सीधा रास्ता, जताई बड़ी उम्मीद.
US-Iran Deal: मध्य पूर्व में जारी भारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच होने वाले संभावित शांति समझौते को लेकर सस्पेंस गहरा गया है. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बेहद बड़ा और चौंकाने वाला बयान देते हुए दावा किया है कि इस ऐतिहासिक डील पर आज ही हस्ताक्षर होने की उम्मीद है. ट्रंप के मुताबिक, समझौते पर साइन होते ही रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Hormuz Strait) को अंतरराष्ट्रीय व्यापार और सभी जहाजों के लिए तुरंत खोल दिया जाएगा.
हालांकि, इस दावे के ठीक उलट ईरान की सरकारी मीडिया की रिपोर्ट में कहा गया है कि दोनों देशों के बीच दुश्मनी खत्म करने के लिए प्रस्तावित समझौता फिलहाल टल गया है और रविवार को इस पर कोई हस्ताक्षर नहीं होने जा रहे हैं.
'ओबामा की डील परमाणु हथियार का रास्ता थी' - ट्रंप का तीखा हमला
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा की ईरान नीति (JCPOA) पर तीखा हमला बोलते हुए अपने प्रस्तावित समझौते को एक मजबूत दीवार बताया. ट्रंप ने कहा:
परमाणु हथियारों पर रोक: "ओबामा की डील परमाणु हथियार पाने का एक आसान और सीधा रास्ता थी. अगर वह डील रहती, तो ईरान के पास छह साल पहले ही परमाणु हथियार आ जाते. मेरा समझौता इसके बिल्कुल उलट है—यह परमाणु हथियार न पाने की एक मज़बूत दीवार है. अब वे परमाणु हथियार नहीं बना पाएंगे."
कैश लेन-देन पर रोक: ट्रंप ने साफ किया कि इस बार कोई आर्थिक ढील या पैसों का लेन-देन नहीं होगा. उन्होंने कहा कि ओबामा सरकार ने ईरान को अरबों डॉलर दिए, जिसमें 1.7 अरब डॉलर नकद (कैश) शामिल था, लेकिन इस बार ऐसा कुछ नहीं होगा.
परमाणु सामग्री को नष्ट करने का प्लान: ट्रंप ने दावा किया कि सही समय आने पर अमेरिका अपने शानदार B-2 बॉम्बर्स और कुशल पायलटों की मदद से ग्रेनाइट के पहाड़ों के नीचे गहराई में दबी परमाणु सामग्री (न्यूक्लियर डस्ट) को बाहर निकालेगा और उसे पूरी तरह नष्ट कर देगा.
ईरान का पलटवार: 'अभी सही समय का इंतजार'
दूसरी तरफ, ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बकाई ने अमेरिकी दावों के बीच स्थिति स्पष्ट की है:
समझौता फिलहाल टला: ईरानी सरकारी मीडिया के अनुसार, शर्तों पर अंतिम सहमति न बनने के कारण रविवार को होने वाले हस्ताक्षर टल गए हैं.
प्रक्रिया अभी अधूरी: विदेश मंत्रालय ने साफ किया कि शांति समझौते को तार्किक अंजाम तक पहुंचाने के लिए अभी सही समय का इंतजार करना होगा, क्योंकि यह प्रक्रिया अभी पूरी नहीं हुई है.
पाकिस्तानी पीएम शहबाज शरीफ ने किया था दावा
इस महा-समझौते को लेकर सबसे पहले पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने वैश्विक मंच पर बड़ा दावा किया था. शरीफ ने कहा था कि आगामी 24 घंटे के भीतर ईरान और अमेरिका के बीच ऐतिहासिक शांति समझौते पर हस्ताक्षर हो सकते हैं और दोनों देश सभी शर्तों पर सहमत हो चुके हैं. लेकिन ईरान के ताजा रुख ने इस दावों पर फिलहाल विराम लगा दिया है.
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