होर्मुज संकट पर शांति की आहट, युद्ध विराम के बीच बड़ी डील की तैयारी
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होर्मुज संकट पर शांति की आहट, युद्ध विराम के बीच बड़ी डील की तैयारी

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने के लिए ड्राफ्ट पर चर्चा तेज, 60 दिनों के अंदर हो सकती है फाइनल पीस डील।


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USA Iran War: अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा तनाव अब कम होता हुआ नजर आ रहा है। ईरान ने आधिकारिक तौर पर कहा है कि अमेरिका के साथ पीस डील के ड्राफ्ट से होर्मुज शिपिंग फिर से खुल जाएगी। इससे लंबे समय से चली आ रही दोहरी नाकेबंदी भी खत्म हो जाएगी। ईरान के सरकारी टीवी चैनल के अनुसार तेहरान को युद्ध खत्म करने के लिए अमेरिका के साथ एक मेमोरेंडम ऑफ अंडरस्टैंडिंग यानी एमओयू के शुरुआती अनऑफिशियल फ्रेमवर्क का ड्राफ्ट प्राप्त हुआ है। इस फ्रेमवर्क के तहत ईरान एक महीने के अंदर होर्मुज स्ट्रेट के जरिए कमर्शियल शिपिंग को युद्ध से पहले के स्तर पर वापस ले आएगा। इसके बदले में अमेरिका ईरान के आस-पास से अपनी मिलिट्री फोर्स और नेवल ब्लॉकेड हटा लेगा। तेहरान के मुताबिक अगर 60 दिनों के अंदर कोई फाइनल डील हो जाती है, तो इस मसौदे को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के बाइंडिंग प्रस्ताव के रूप में मंजूरी मिल जाएगी। यह एग्रीमेंट वैश्विक ऊर्जा प्रवाह और शांति के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।


क्या है इस एमओयू का मुख्य फ्रेमवर्क
ड्रॉफ्ट एमओयू के तहत अमेरिकी मिलिट्री फोर्स ईरान के आस-पास से पूरी तरह हट जाएगी और नेवल ब्लॉकेड हटा दिया जाएगा। इसके बदले में ईरान ने एक महीने के भीतर होर्मुज स्ट्रेट से गुजरने वाले कमर्शियल जहाजों की संख्या को युद्ध से पहले के सामान्य स्तर पर वापस लाने का पक्का वादा किया है। ईरान के स्टेट टीवी आईआरआईबी के मुताबिक इस ड्राफ्ट एग्रीमेंट में मिलिट्री जहाज बिल्कुल शामिल नहीं हैं। स्ट्रेट से जहाजों के ट्रैफिक मैनेजमेंट और रूट का काम ईरान और ओमान मिलकर संभालेंगे। ईरान ने कहा है कि समझौते का फ्रेमवर्क अभी पूरी तरह फाइनल नहीं हुआ है। तेहरान पूरे इत्मिनान के साथ इस मसौदे को वेरिफाई करेगा और उसके बाद ही कोई बड़ा कदम उठाएगा।

युद्ध वापसी की संभावना बेहद कम
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बुधवार को कहा कि अमेरिका के साथ युद्ध की वापसी की संभावना अब बेहद कम है। उन्होंने हालांकि चेतावनी दी कि इस्लामी गणतंत्र किसी भी हमले का जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है। यह बयान ऐसे समय में आया है जब ईरान ने अमेरिका पर अप्रैल से लागू युद्ध विराम का उल्लंघन करने का आरोप लगाया है। ईरान ने कहा कि वह जवाबी कार्रवाई के लिए तैयार है। यह युद्ध विराम लागू होने के बाद के सबसे गंभीर हमलों के बाद आया है। लेबनान में जहां युद्ध विराम ने हिंसा को रोकने में बहुत कम मदद की है, वहां भी इजरायली हमलों में मंगलवार को 31 लोगों की मौत हुई है। लेबनान के स्वास्थ्य मंत्रालय ने इन मौतों की पुष्टि की है। यह मध्य पूर्व युद्ध फरवरी के अंत में अमेरिका-इजरायली हमलों के साथ शुरू हुआ था।

वैश्विक ऊर्जा बाजार पर गहरा असर
ईरान और अमेरिका हफ्तों से शब्दों के युद्ध में उलझे हुए हैं। पाकिस्तान के नेतृत्व में मध्यस्थता के प्रयास जारी हैं। युद्ध में कोई स्पष्ट विजेता नहीं होने के कारण दोनों पक्ष होर्मुज स्ट्रेट और ईरान के परमाणु कार्यक्रम जैसे प्रमुख मुद्दों पर समझौता करने के लिए तैयार नहीं दिख रहे हैं। ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट की नाकेबंदी कर दी थी, जो वैश्विक ऊर्जा प्रवाह के लिए बहुत महत्वपूर्ण है। अमेरिका ने इसके जवाब में ईरानी बंदरगाहों की जवाबी नाकेबंदी की थी। बुधवार को रिवोल्यूशनरी गार्ड्स की नौसेना ने जोर देकर कहा कि केवल वही जहाज गुजरेंगे जो ईरानी आदेशों का पालन करेंगे। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने मंगलवार को कहा था कि शांति समझौता पहुंच के भीतर है, लेकिन होर्मुज स्ट्रेट को एक या दूसरे तरीके से फिर से खोल दिया जाएगा। तेल की कीमतें, जो युद्ध से पहले के स्तर से काफी ऊपर हैं, बुधवार को गिर गईं। अंतरराष्ट्रीय बेंचमार्क ब्रेंट क्रूड पांच प्रतिशत गिरकर 94.61 डॉलर प्रति बैरल हो गया।

ईरान में इंटरनेट बहाली और तनाव
ईरानी अधिकारियों ने तीन महीने के शटडाउन के बाद मंगलवार को ग्लोबल इंटरनेट तक पहुंच को आंशिक रूप से बहाल कर दिया है। छात्रों और सॉफ्टवेयर डेवलपर्स ने राहत महसूस की है, लेकिन उन्हें डर है कि युद्ध किसी भी समय फिर से शुरू हो सकता है। तेहरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने ईद-अल-अधा के मौके पर वॉशिंगटन की आलोचना की। उन्होंने कहा कि अमेरिका का प्रभाव मध्य पूर्व में लगातार कम हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि क्षेत्र के देश अब उन अड्डों की मेजबानी करना बंद करें जिनसे अमेरिका हमला कर सकता है। लेबनान के दक्षिण में इजरायली हमलों में 31 लोगों की मौत हुई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने हिजबुल्लाह को कुचलने की कसम खाई है। हिजबुल्लाह लड़ाके इजरायली सेना के साथ डटकर संघर्ष कर रहे हैं।


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