अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहुंचे भारत, क्वाड बैठक में होंगे शामिल
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अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो पहुंचे भारत, क्वाड बैठक में होंगे शामिल

अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो चार दिवसीय दौरे पर भारत पहुंचे हैं। वे रक्षा सहयोग, ऊर्जा सुरक्षा और व्यापार समझौतों को लेकर भारतीय अधिकारियों के साथ बैठक करेंगे।


Marco Rubio In India: वैश्विक राजनीती में तेजी से बदलते समीकरणों के बीच अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो इस हफ्ते भारत के दौरे पर आए हैं। वाशिंगटन और नई दिल्ली दोनों ही इस समय अपनी रणनीतिक प्राथमिकताओं को नए सिरे से तय करने में जुटे हैं। रुबियो का यह दौरा चार दिनों का होने वाला है। इस महत्वपूर्ण यात्रा के दौरान भारत और अमेरिका के बीच ऊर्जा सुरक्षा, रक्षा सहयोग, व्यापार और आधुनिक तकनीकों जैसे बड़े मुद्दों पर बातचीत होगी। इस दौरे का समय बेहद खास है क्योंकि इसी दौरान क्वाड देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक भी होने जा रही है।


क्वाड देशों की बैठक पर टिकीं नजरें
मार्को रुबियो का भारत आगमन ऐसे समय पर हुआ है जब क्वाड देशों की बैठक आयोजित हो रही है। इस बैठक में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया के विदेश मंत्री शामिल हो रहे हैं। इन चारों देशों की बातचीत का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) क्षेत्र में आपसी तालमेल को मजबूत करना है। हाल के वर्षों में भारत के लिए यह समूह रक्षा सहयोग और सप्लाई चेन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हो गया है। इस क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए चारों लोकतांत्रिक देश इस मंच के जरिए अपनी एकजुटता दिखा रहे हैं।

ऊर्जा सुरक्षा पर होगी सबसे बड़ी बात
इस रणनीतिक दौरे में ऊर्जा सुरक्षा का मुद्दा चर्चा के केंद्र में रहने की उम्मीद है। भारत इस समय रूस से बड़ी मात्रा में रियायती दरों पर कच्चा तेल खरीद रहा है। वहीं दूसरी तरफ अमेरिका एलएनजी और क्रूड एक्सपोर्ट के जरिए भारत के ऊर्जा बाजार में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाना चाहता है। पश्चिम एशिया (Middle East) में चल रहे सैन्य संकट और अस्थिरता के कारण भारत के लिए अपनी ऊर्जा जरूरतों का विविधीकरण करना बेहद जरूरी हो गया है। अपनी लंबी अवधि की आर्थिक विकास दर को बनाए रखने के लिए भारत लगातार सुरक्षित ऊर्जा स्रोतों की तलाश में है।

व्यापारिक तनाव को दूर करने की कोशिश
यह दौरा भारत और अमेरिका के बीच आर्थिक मोर्चे पर रहे कुछ तनावपूर्ण दौर के बाद हो रहा है। दोनों देशों के बीच पिछले कुछ समय में टैरिफ विवाद और प्रतिबंधों को लेकर मतभेद देखे गए थे। दोनों देशों के अधिकारी इस यात्रा का उपयोग अंतरिम समझौतों को आगे बढ़ाने और व्यापारिक रिश्तों को मजबूत करने में करेंगे। इस बातचीत में क्रिटिकल मिनरल्स यानी महत्वपूर्ण खनिजों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। दोनों देश सेमीकंडक्टर और एडवांस्ड बैटरी बनाने से जुड़ी अपनी सप्लाई चेन को हर हाल में सुरक्षित करना चाहते हैं।

भारत-अमेरिका रक्षा साझेदारी का विस्तार
दोनों देशों के बीच होने वाली उच्च स्तरीय बैठकों में रक्षा संबंधों को सबसे प्रमुखता दी जाएगी। भारत की सैन्य क्षमता को मजबूत करने में वाशिंगटन की तकनीक और रक्षा प्रणालियां पहले से ही अहम भूमिका निभा रही हैं। भारतीय सेनाएं पहले से ही बोइंग P-8 पोसिडन विमान, एमक्यू-9बी स्काईगार्जियन ड्रोन, एम777 होवित्जर तोपें इस्तेमाल कर रही हैं। इसके अलावा वायुसेना के पास बोइंग सी-17 ग्लोबमास्टर III जैसे बड़े मालवाहक विमानों का बेड़ा मौजूद है। अब दोनों देशों के बीच बातचीत रक्षा उपकरणों की केवल खरीद से आगे बढ़कर सह-उत्पादन की तरफ बढ़ रही है।

रक्षा क्षेत्र में को-प्रोडक्शन पर रहेगा जोर
दोनों देश अब आर्टिफ़िशियल इंटेलिजेंस, सेमीकंडक्टर और स्पेस टेक्नोलॉजी के क्षेत्र में मिलकर काम करना चाहते हैं। मार्को रुबियो का यह दौरा राजनीतिक दृष्टिकोण से भी काफी मायने रखता है। वाशिंगटन में रुबियो को भारत समर्थक और चीन के प्रति सख्त रुख रखने वाले नेता के रूप में देखा जाता है। उनकी इस छवि के कारण उन्हें एक सामान्य राजनयिक से कहीं बढ़कर माना जा रहा है। उनकी यात्रा से यह साफ संदेश मिलता है कि ट्रंप प्रशासन इस पूरे क्षेत्र में भारत को ही अपना सबसे बड़ा और विश्वसनीय रणनीतिक साझेदार मानता है।

रिश्तों को पटरी पर लाने की बड़ी पहल
टैरिफ विवादों और पश्चिम एशिया के घटनाक्रमों के कारण दोनों देशों के द्विपक्षीय संबंधों में जो खिंचाव आया था, उसे अब दूर किया जा रहा है। दोनों सरकारें अपने आपसी संबंधों को एक मजबूत और स्थिर धरातल पर वापस लाने के लिए उत्सुक दिखाई दे रही हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप और भारतीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद इन संबंधों को गति देने में व्यक्तिगत रूप से रुचि ले रहे हैं। आधिकारिक बैठकों के अलावा रुबियो दिल्ली से बाहर कोलकाता, आगरा और जयपुर की यात्रा भी करेंगे, जो उनके इस व्यापक कूटनीतिक संपर्क को दर्शाता है।


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