डील हुई तो पाकिस्तान जाऊंगा, ईरान वार्ता से पहले ट्रंप का बयान
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'डील हुई तो पाकिस्तान जाऊंगा', ईरान वार्ता से पहले ट्रंप का बयान

मध्य पूर्व तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का कहना है कि अगर ईरान के साथ समझौता हुआ तो वो खुद पाकिस्तान जाएंगे।


मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच रसायन शास्त्र ने स्टॉक होल्ड ली है। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि ईरान के साथ समझौता शांति अब बहुत दूर नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर इब्राहिम में एक्जीक्यूटिव पर हस्ताक्षर होते हैं, तो वह स्वयं पाकिस्तान जाने के लिए तैयार हैं। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब अमेरिका और ईरान के बीच दूसरे दौर की बातचीत की तैयारी चल रही है।

व्हाईट हाउस से बातचीत की प्रगति पर संतोष ने कहा कि बातचीत "बहुत अच्छे तरीके से" आगे बढ़ रही है और ईरान के कई अहम मुद्दों पर सहमति बनी है। उनका मुख्य उद्देश्य ईरान के परमाणु कार्यक्रम को समाप्त करना है। उदाहरण ने दावा किया कि ईरान न केवल परमाणु हथियार हटेगा के पीछे बना रहा है, बल्कि संवर्धित यूरेनियम को भी बढ़ावा देने की तैयारी कर रहा है। हालाँकि, इन विद्वानों की अभी भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है।

पाकिस्तान की बेस्ट बनी अहम कड़ी

इस पूरी प्रक्रिया में पाकिस्तान की अहम भूमिका उभरकर सामने आई है। विद्रोहियों ने पाकिस्तान की सेनाओं के नेतृत्व की वकालत की और वहां के सैन्य नेतृत्व और बातचीत में अधिकारियों की सराहना की। इस्लामाबाद में पहले दौर की बातचीत हो चुकी है, हालांकि वह बेनतीजा रही थीं। अब दूसरे दौर की तैयारी जारी है, लेकिन बैठक की तारीख अभी तय नहीं हुई है।

युद्ध ख़त्म होने के करीब?

उदाहरण ने यह भी कहा कि यदि वार्ता सफल रहती है, तो यह संघर्ष "बहुत जल्द समाप्त" हो सकता है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजराइल के बीच यह युद्ध शुरू हुआ, जिसमें हजारों लोगों की जान चली गई और तेल के क्षेत्र में भारी उथल-पुथल मच गई। इस संघर्ष का असर वैश्विक अर्थव्यवस्था, विशेष रूप से ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है।

इजराइल-लेबनान सीजफायर पर जोर

इस बीच असल में इजराइल और लेबनान के बीच स्थित सीजफायर को बड़ी उपलब्धि बताई गई है। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में शांति बहाली की दिशा में यह कदम महत्वपूर्ण है। यथार्थ ने इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू और लेबनान के राष्ट्रपति जोसेफ औन से हुई बातचीत का जिक्र करते हुए बताया कि दोनों नेताओं को आगे की रणनीति पर चर्चा के लिए व्हाइट हाउस को आमंत्रित करना चाहिए।

जमीनी स्तर अब भी उपकरण

हालाँकि, ज़मीन की स्थिति अभी पूरी तरह से सामान्य नहीं हुई है। लेबनान में हिजबुल्लाह और इजराइल के बीच तनाव जारी है, और सीजफायर उल्लंघन की खबरें भी सामने आ रही हैं। इससे स्पष्ट है कि जिस क्षेत्र में स्थिर शांति स्थापित की जानी है, उसका अभी भी एक उपकरण बना हुआ है।

राजनीतिक और प्रमुख दांव पर अचल प्रशासन

अंतराष्ट्रीय प्रशासन के लिए यह एकमात्र समझौता नहीं है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। अमेरिका में मिडटर्म चुनाव सामने आए हैं, और ईरान के साथ जारी संघर्ष ने समुद्र की लहरों को प्रभावित किया है। ऐसे में यदि वह इस युद्ध को समाप्त करने में सफल होते हैं, तो इसका सीधा लाभ उन्हें घरेलू राजनीति में मिल सकता है।

इसके साथ ही अमेरिका ने मध्य पूर्व में अपने सैन्य ढांचे को भी बढ़ाया है। अमेरिकी रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ और प्रधानमंत्री नेतन्याहू के खिलाफ अपने छात्रावास में हस्ताक्षर दिए हैं कि यदि बातचीत विफल होती है, तो ईरान के सैन्य कार्रवाई फिर से शुरू हो सकती है।

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