
ईरान पर अमेरिका का भीषण हमला, ट्रंप बोले- 'डील करो या फिर तबाही चुनो'
ईरान पर अमेरिकी सेना का एक बार फिर बड़ा हमला हुआ है। बंदर अब्बास और केशम में सैन्य ठिकाने तबाह कर दिए हैं। राष्ट्रपति ट्रंप ईरान को 'जल्द डील साइन' करने को कहा
वॉशिंगटन/तेहरान: मध्य पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने ईरान के प्रमुख सैन्य ठिकानों पर भीषण हमले करने की आधिकारिक पुष्टि की है। अमेरिका का दावा है कि ये हमले 'आत्मरक्षा' में किए गए हैं। इन सैन्य कार्रवाइयों के फौरन बाद राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि यदि उसने जल्द ही समझौते पर हस्ताक्षर नहीं किए तो भविष्य में और भी घातक परिणाम भुगतने होंगे।
होर्मुज जलडमरूमध्य में टकराव: क्या है पूरा मामला?
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह संघर्ष उस समय शुरू हुआ जब अमेरिकी नौसेना के तीन गाइडेड मिसाइल विध्वंसक (Destroyers)- USS Truxtun (DDG 103), USS Rafael Peralta (DDG 115), और USS Mason (DDG 87)- होर्मुज जलडमरूमध्य से ओमान की खाड़ी की ओर बढ़ रहे थे।
बयान में कहा गया है कि 7 मई को ईरानी सेना ने बिना किसी उकसावे के इन युद्धपोतों पर मिसाइलें, ड्रोन और छोटी लड़ाकू नौकाओं से हमला बोल दिया। अमेरिकी सेना ने मुस्तैदी दिखाते हुए इन खतरों को बीच में ही नाकाम कर दिया और जवाबी कार्रवाई में ईरान के उन ठिकानों को निशाना बनाया जो इन हमलों के लिए जिम्मेदार थे।
डोनाल्ड ट्रंप का 'ट्रुथ सोशल' पर हमला: "तितली की तरह गिरे ईरानी ड्रोन"
हमलों के बाद राष्ट्रपति ट्रंप ने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर ईरानी नेतृत्व की कड़ी आलोचना की। ट्रंप ने लिखा...
"हमारे तीन विश्वस्तरीय डेस्ट्रॉयर्स अभी-अभी भारी गोलीबारी के बीच से सफलतापूर्वक बाहर निकले हैं। हमारे जहाजों को खरोंच तक नहीं आई। लेकिन ईरानी हमलावरों को भारी नुकसान पहुंचा है। उनकी कई नावें तबाह हो गई हैं।"
ट्रंप ने आगे लिखा कि ईरान द्वारा दागी गई मिसाइलों को आसानी से मार गिराया गया और उनके ड्रोन हवा में जलकर राख हो गए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, "वे ड्रोन समुद्र में इतनी खूबसूरती से गिरे जैसे कोई तितली अपनी कब्र में जा गिरती है।"
बंदर अब्बास और केशम में भारी तबाही
CNN की रिपोर्ट के अनुसार, एक अमेरिकी अधिकारी ने पुष्टि की है कि सेंट्रल कमांड ने ईरान के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण इलाकों बंदर अब्बास और केशम में स्थित सैन्य ठिकानों पर सटीक हमले किए हैं। इन हमलों का उद्देश्य ईरान की उस क्षमता को ध्वस्त करना था, जिसके जरिए वह अंतरराष्ट्रीय जलमार्गों में जंगी जहाजों को निशाना बनाता है।
ईरानी नेतृत्व को बताया 'पागल': ट्रंप की अंतिम चेतावनी
ईरान के वर्तमान नेतृत्व पर निशाना साधते हुए ट्रंप ने उन्हें 'पागल' करार दिया। उन्होंने कहा कि कोई भी सामान्य देश अमेरिकी डेस्ट्रॉयर्स को शांति से गुजरने देता लेकिन ईरान का नेतृत्व पागलों के हाथ में है। ट्रंप ने चेतावनी दी कि अगर ईरान को परमाणु हथियार बनाने का मौका मिला तो वह बिना सोचे उसका इस्तेमाल कर देगा। लेकिन अमेरिका ऐसा कभी नहीं होने देगा।
ट्रंप ने स्पष्ट शब्दों में कहा, "आज हमने उन्हें करारा जवाब दिया है। यदि वे जल्द से जल्द डील (समझौते) पर हस्ताक्षर नहीं करते हैं तो भविष्य में हम उन्हें और भी जोरदार, हिंसक और निर्णायक तरीके से खत्म कर देंगे।"

