शांति समझौते के बाद अमेरिका का ईरान पर दूसरा बड़ा हमला
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शांति समझौते के बाद अमेरिका का ईरान पर दूसरा बड़ा हमला

अमेरिका ने 24 घंटे में ईरान पर किया दूसरा हमला। होर्मुज जलडमरूमध्य के पास सैन्य ठिकाने तबाह। राष्ट्रपति ट्रंप ने सख्त चेतावनी देते हुए कहा अस्तित्व मिटा देंगे।


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USA Iran War: शांति समझौते को दरकिनार करते हुए अमेरिका ने ईरान पर बड़ा हमला किया है। अमेरिका और ईरान के बीच महज दो हफ्ते पहले हुआ अंतरिम शांति समझौता अब पूरी तरह टूटने की कगार पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने पिछले 24 घंटों के भीतर ईरान पर दूसरा बड़ा हमला करते हुए रणनीतिक रूप से बेहद महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के पास स्थित ईरानी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाया है। ईरानी तटीय शहर सिरिक में भीषण धमाकों की आवाज सुनी गई है, जिसकी पुष्टि खुद ईरानी मीडिया ने भी की है।


पनामा के तेल टैंकर पर ड्रोन हमले के बाद भड़का अमेरिका
अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के अनुसार, यह कार्रवाई ईरान द्वारा युद्धविराम के नियमों का उल्लंघन करने के सीधे जवाब में की गई है:

M/T किकू पर हमला: शनिवार को M/V एवर लवली पर हुए हमले के बाद अमेरिका ने ईरान को संभलने का मौका दिया था। लेकिन, रविवार सुबह स्थानीय समयानुसार सुबह 4:30 बजे (ET) ईरान ने पनामा के झंडे वाले तेल टैंकर 'M/T किकू' पर वन-वे अटैक ड्रोन से हमला कर दिया। यह टैंकर 20 लाख बैरल से अधिक कच्चा तेल लेकर जा रहा था।

सैन्य बुनियादी ढांचे को बनाया निशाना: अमेरिकी सैन्य विमानों ने इस आक्रामकता के जवाब में होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरान के सैन्य निगरानी बुनियादी ढांचे, संचार प्रणालियों, वायु रक्षा स्थलों (Air Defence Sites), ड्रोन भंडारण सुविधाओं और समुद्र में माइन-बिछाने (माइन-लेइंग) की क्षमताओं को पूरी तरह नष्ट कर दिया है।



"ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा" - डोनाल्ड ट्रंप की सख्त चेतावनी
इस सैन्य कार्रवाई के तुरंत बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'ट्रुथ सोशल' पर बेहद आक्रामक पोस्ट साझा कर ईरान को चेतावनी दी:

"अमेरिकी विमानों ने अभी-अभी ईरान के मिसाइल और ड्रोन भंडारण स्थलों और तटीय रडार साइटों पर हमला किया है क्योंकि उन्होंने फिर से युद्धविराम समझौते का उल्लंघन किया है! ऐसा समय आ सकता है जब हम समझदारी से काम न कर पाएं और उस काम को सैन्य रूप से पूरा करने के लिए मजबूर हों जिसे हमने इतनी सफलतापूर्वक शुरू किया था। अगर ऐसा हुआ, तो ईरान का अस्तित्व खत्म हो जाएगा!"

इसके साथ ही, अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने भी शनिवार को ही इसके संकेत दे दिए थे। वेंस ने स्पष्ट कहा था कि होर्मुज जलडमरूमध्य के नियंत्रण को लेकर यदि कोई उलझन है, तो ईरान बातचीत करे; कमर्शियल और कार्गो जहाजों पर हमला करना कतई स्वीकार्य नहीं है और हिंसा का जवाब हिंसा से दिया जाएगा।

मध्य पूर्व में गहराया महायुद्ध का संकट; ईरान की जवाबी तैयारी
शनिवार को अमेरिका द्वारा किए गए पहले हमले के बाद ईरानी सेना ने मध्य पूर्व (Middle East) में मौजूद अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर जवाबी मिसाइलें दागी थीं। अब 24 घंटे के भीतर हुए इस दूसरे भीषण हमले के बाद क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि ईरानी सेना इस नए हमले का भी आक्रामक जवाब देगी, जिससे कच्चे तेल की वैश्विक आपूर्ति और होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर बेहद गंभीर असर पड़ सकता है।


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