'जंतर-मंतर वापस लाओ': दिल्ली में सड़कों पर उतरे लेफ्ट और यूथ कांग्रेस
दिल्ली में जंतर-मंतर को प्रोटेस्ट साइट से हटाने पर बवाल। SFI-DYFI और यूथ कांग्रेस का मार्च, विंडसर पैलेस पर बैरिकेडिंग, कई प्रदर्शनकारी हिरासत में लिए गए।
Zamini Hakikat: राजधानी दिल्ली में विरोध-प्रदर्शनों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। दिल्ली पुलिस द्वारा जंतर-मंतर को आधिकारिक धरना स्थल (प्रोटेस्ट साइट) की सूची से हटाए जाने के बाद अब सियासी संग्राम और तेज हो गया है। कांग्रेस, लेफ्ट और इंडिया (INDIA) गठबंधन से जुड़े तमाम संगठन इस फैसले के विरोध में नई दिल्ली जिले में लगातार लामबंद हो रहे हैं।
'द फ़ेडरल देश' के खास शो 'ज़मीनी हकीकत' की इस रिपोर्ट में जानिए कि बुधवार को किस तरह जंतर-मंतर की बहाली और चुनाव आयोग के खिलाफ लेफ्ट छात्र संगठनों और इंडियन यूथ कांग्रेस ने समानांतर मार्च निकाला और पुलिस ने किस प्रकार उन्हें रास्ते में ही रोक दिया।
1. फ़िरोज़ शाह रोड पर लेफ्ट का मार्च: बैरिकेडिंग और ह्यूमन चेन से रोका
बुधवार दोपहर स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (SFI) और डेमोक्रेटिक यूथ फेडरेशन ऑफ इंडिया (DYFI) के कार्यकर्ताओं ने फ़िरोज़ शाह रोड से जंतर-मंतर की ओर पैदल मार्च शुरू किया।
पुलिस की घेराबंदी: प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने पहले से ही फ़िरोज़ शाह रोड पर कड़े बैरिकेड्स लगा रखे थे।
ह्यूमन चेन बनाकर डिटेंशन: विंडसर पैलेस गोलचक्कर के पास दिल्ली पुलिस और अर्धसैनिक बलों के महिला एवं पुरुष जवानों ने 'ह्यूमन चेन' बनाई ताकि छात्र आगे न बढ़ सकें। इसके बाद पुलिस ने आगे बढ़ रहे छात्र-छात्राओं को रोककर हिरासत में ले लिया।
दोहरी मांग: प्रदर्शनकारी छात्र मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे के साथ-साथ जंतर-मंतर पर लोकतांत्रिक तरीके से प्रदर्शन करने के अधिकार को दोबारा बहाल करने की मांग कर रहे थे।
2. यूथ कांग्रेस का 'जंतर-मंतर वापस लाओ' अभियान: डीसीपी दफ्तर का घेराव
लेफ्ट के मार्च के कुछ ही देर बाद अशोक रोड पर इंडियन यूथ कांग्रेस (IYC) के कार्यकर्ताओं ने भी जंतर-मंतर कूच का प्रयास किया। पुलिस द्वारा रास्ता रोके जाने के बाद, IYC के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदय भानु चिब के नेतृत्व में कार्यकर्ता संसद मार्ग की ओर बढ़ गए।
संसद मार्ग पर नारेबाजी: कार्यकर्ताओं ने नई दिल्ली जिला डीसीपी कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और केंद्र सरकार तथा दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की।
देशभर से पहुंचे कार्यकर्ता: इस प्रदर्शन में देश के विभिन्न राज्यों से आए युवा कांग्रेस कार्यकर्ता शामिल थे, जो 'जंतर-मंतर वापस लाओ' अभियान के तहत अपनी आवाज उठा रहे थे।
3. उदय भानु चिब का बयान: "जंतर-मंतर देश की जनता का है"
प्रदर्शन के दौरान युवा कांग्रेस अध्यक्ष उदय भानु चिब ने केंद्र सरकार और प्रशासन को आड़े हाथों लिया। उन्होंने कहा:
"जंतर-मंतर इस देश की जनता का है। यह हमारे लोकतांत्रिक अधिकारों, संवैधानिक स्वतंत्रताओं और अन्याय के खिलाफ हमारी सामूहिक आवाज का प्रतीक है। भारतीय युवा कांग्रेस जंतर-मंतर को एक ऐसे स्थान के रूप में बहाल करने के लिए अपना संघर्ष जारी रखेगी, जहां नागरिक बिना किसी डर, धमकी या मनमाने प्रतिबंध के अपनी चिंताएं और समस्याएं उठा सकें।"
जंतर-मंतर से पाबंदी हटाने की मांग अब सिर्फ एक प्रशासनिक मुद्दा नहीं, बल्कि विपक्ष के लिए लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा का एक बड़ा राजनीतिक आंदोलन बन चुकी है। पुलिस द्वारा प्रदर्शनकारियों को बार-बार हिरासत में लिए जाने के बावजूद, नई दिल्ली के अलग-अलग चौराहों पर छात्रों और युवाओं का रोजाना उतरना यह दर्शाता है कि यह गतिरोध आने वाले दिनों में और गहरा सकता है।
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