LIVE Live:  सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले कौन थे? कांग्रेस का राज्यसभा में सवाल
x

Live: सादे कपड़ों में छात्रों को पीटने वाले कौन थे? कांग्रेस का राज्यसभा में सवाल

एंटी पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में बहस जारी है। इससे पहले 29 जुलाई को लोकसभा ने इस बिल को पारित कर दिया था। ताजा जानकारी के लिए बने रहिए द फेडरल देश के साथ।


Anti Paper Leak Bill RajyaSabha Debate Live: एंटी पेपर लीक बिल पर राज्यसभा में बहस होगी। इससे पहले 29 जुलाई को लोकसभा ने इस बिल को पारित कर दिया था। ताजा जानकारी के लिए बने रहिए द फेडरल देश के साथ।

Live Updates

  • 30 July 2026 4:02 PM IST

    राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा, ''देश में हमारे पास चार मुख्य भर्ती एजेंसियां ​​हैं - UPSC, स्टाफ सिलेक्शन कमीशन, रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड और इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनल। हायर एजुकेशन में एडमिशन के लिए अब हमारे पास नेशनल टेस्टिंग एजेंसी है। विडंबना यह है कि एक नेशनल एजेंसी बनाने का सुझाव पहली बार 1992 में ही आया था। तब केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी। कई कमेटियां बनाई गईं और 2010 में UPA के समय भी, उनकी बनाई एक कमेटी ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी बनाने का बहुत मज़बूत सुझाव दिया था। मुझे यकीन है कि वे प्रधानमंत्री मोदी की तारीफ़ करेंगे और उनका शुक्रिया अदा करेंगे कि UPA के अधूरे काम और अधूरे एजेंडे को NDA पूरा कर रहा है और आगे बढ़ा रहा है।"


  • 30 July 2026 2:59 PM IST

    विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने 'पेपर चुराने वाले बचते रहे...' शायरी के साथ बहस की शुरुआत की। उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने 2024 में ही सख्त कानून की मांग की थी, लेकिन सरकार ने तब इसे नजरअंदाज किया। खड़गे ने आरोप लगाया कि सरकार चुनावी मजबूरी में बिल लाई थी। उन्होंने संशोधन विधेयक का स्वागत किया, लेकिन कहा कि सरकार की मंशा समस्या का स्थायी समाधान नहीं, बल्कि मौजूदा माहौल को शांत करना है और यह विधेयक अब भी अधूरा है।

  • 30 July 2026 2:58 PM IST

    राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले दो महीनों से देशभर में छात्र सड़कों पर थे, लेकिन सरकार ने उनकी बात नहीं सुनी। खड़गे ने आरोप लगाया कि युवाओं के दबाव और अपनी राजनीतिक स्थिति बचाने के लिए सरकार को आखिरकार शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाना पड़ा। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने शुरुआत में ही छात्रों से संवाद किया होता और समय रहते पहल की होती, तो न लाठीचार्ज होता और न ही छात्रों को इतना संघर्ष करना पड़ता। साथ ही उन्होंने गृह मंत्री अमित शाह की चुप्पी पर भी सवाल उठाए।

  • 30 July 2026 2:56 PM IST

    राज्यसभा में कांग्रेस अध्यक्ष और नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने छात्रों के आंदोलन पर हुई पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि हजारों छात्र संसद की ओर शांतिपूर्ण मार्च कर रहे थे और सरकार से सिर्फ संवाद चाहते थे, लेकिन उन्हें बातचीत के बजाय लाठीचार्ज, आंसू गैस, पैलेट गन, इंटरनेट बंदी और रेलवे स्टेशन बंद होने जैसी कार्रवाई का सामना करना पड़ा।

    खड़गे ने कहा कि इस कार्रवाई से छात्र भयभीत हो गए। उनके अनुसार कई छात्र घायल हुए, कई की आंखों में पैलेट गन के छर्रे लगे और अनेक विद्यार्थियों के हाथ-पैर टूट गए। उन्होंने कहा कि गांव-गांव से अपनी मांगों को लेकर आए छात्रों के साथ ऐसा व्यवहार देखकर उन्हें शर्म महसूस हुई।

    कांग्रेस अध्यक्ष ने इस पूरे घटनाक्रम के लिए सीधे गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। उन्होंने कहा कि गृह मंत्री भले ही अभी बंद कमरे में बैठकर उनकी बातें सुन रहे हों, लेकिन हमेशा जनता से छिप नहीं सकते। उन्होंने कहा, "एक दिन हम आपको बाहर लाएंगे और देश की जनता के सामने बताएंगे कि आखिर हुआ क्या था।"

    खड़गे के इस बयान पर सत्ता पक्ष के सांसदों ने जोरदार हंगामा किया। सदन के नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा ने आरोप लगाया कि खड़गे ने अपने भाषण में असंसदीय शब्दों का इस्तेमाल किया है। उन्होंने सभापति से उन शब्दों को कार्यवाही से हटाने (एक्सपंज) की मांग की।

  • 30 July 2026 2:33 PM IST

    समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव का कहना है कि,  "छात्र न्याय चाहते हैं क्योंकि विरोध प्रदर्शनों में शामिल लोगों को अभी भी पकड़ा जा रहा है। सरकार ऐसा क्यों कर रही है? आप अपनी बात से कैसे मुकर सकते हैं?... यह सरकार छात्रों के साथ धोखा कर रही है... यह सरकार राम-राज्य स्थापित करने की बात कैसे कर सकती है?... इससे BJP की सोच का पता चलता है।"वह आगे कहती हैं, "हमने पहले ही कहा था कि हम संसद में जनता से जुड़े सभी मुद्दों को ज़ोर-शोर से उठाएंगे।"

  • 30 July 2026 2:16 PM IST

    पूर्व IPS अधिकारी किरण बेदी कहती हैं, "सवाल यह उठता है कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा बलों के साथ सीधी भिड़ंत की नौबत क्यों आई? यह हमारे सिस्टम की खामी को दिखाता है। हमारे यहाँ आज भी ब्रिटिश काल का सिस्टम चल रहा है... यह गलत है; इसका गलत इस्तेमाल हो रहा है। छात्र विरोध-प्रदर्शनों से निपटने के लिए सुरक्षा की पहली पंक्ति सिविल पुलिस होनी चाहिए। हमने सिविल पुलिस का इस्तेमाल क्यों नहीं किया? सिविल पुलिस के जवान युवा होते हैं और वे लाठी नहीं रखते।



    अगर किसी भीड़ को गैर-कानूनी घोषित किया जाता है, तो शुरुआती कार्रवाई सिविल पुलिस को करनी चाहिए... अगर बैरिकेड तोड़े जाते हैं, तो सुरक्षा की दूसरी पंक्ति महिला पुलिसकर्मी होनी चाहिए। वे भी लाठी नहीं रखतीं, लेकिन उनके पास हेलमेट और बॉडी आर्मर जैसे सुरक्षा उपकरण होते हैं... हालांकि, अगर भीड़ बेकाबू हो जाए, तभी सुरक्षा बलों को दखल देना चाहिए। सुरक्षा बल हालात के हिसाब से कार्रवाई करेंगे; यह उनकी ज़िम्मेदारी है... वॉटर कैनन का इस्तेमाल आखिरी उपाय के तौर पर होना चाहिए। कैमरों से साफ पता चल जाएगा कि कौन क्या कर रहा है... ड्रोन से भी निगरानी की जानी चाहिए... आखिरकार, आपको पता चल जाएगा कि किसने क्या किया..."

  • 30 July 2026 1:22 PM IST

    कांग्रेस सांसद मणिक्कम टैगोर कहते हैं, "विपक्ष के नेता को संसद में बोलने का अधिकार है... कल हम सबने देखा कि कैसे राहुल गांधी जी को अपना भाषण पूरा नहीं करने दिया गया। ऐसा कभी नहीं होता। यह संसदीय लोकतंत्र पर ही हमला है। हमारा मानना ​​है कि विपक्ष के नेता को जो भी कहना हो, कहने का अधिकार है और फिर सरकार उसका जवाब दे सकती है। यही लोकतंत्र है, लेकिन जब राहुल गांधी जी बोलने के लिए खड़े होते हैं, तो बीजेपी के सभी मंत्री और सांसद उनके भाषण में बाधा डालने लगते हैं, उन्हें बोलने नहीं देते... यह भारत के संसदीय लोकतंत्र के लिए बहुत खतरनाक होगा।"

  • 30 July 2026 1:21 PM IST

    लोकसभा में विपक्ष के नेता और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी के बयान पर बीजेपी सांसद प्रताप सारंगी कहते हैं, "इन बच्चों की तकलीफ़ से हम सभी को दुख होता है। लेकिन, ऐसा गैर-जिम्मेदाराना बयान देना—यह दावा करना कि यह सब गृह मंत्री के आदेश पर हुआ—सचमुच निंदनीय है; क्या माफ़ी मांगने से उनका कद छोटा हो जाता? एक ज़िम्मेदार नागरिक के तौर पर उन्हें माफ़ी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने गलत काम किया है—उन्होंने झूठा आरोप लगाया है—फिर भी वे माफ़ी मांगने से इनकार कर रहे हैं..."

  • 30 July 2026 11:50 AM IST

    हॉकी इंडिया द्वारा राष्ट्रीय टीम की जर्सी का रंग नीले से केसरिया करने पर कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा कहती हैं, "चाहे वे यूनिफॉर्म बदलें या शिक्षा नीति के ज़रिए इतिहास को फिर से लिखने की कोशिश करें, वे कुछ भी करें... आपने देखा है कि हमारे देश के युवा इस बारे में क्या सोचते हैं। आपने जंतर-मंतर पर जमा युवाओं की बात सुनी। यह देश की आवाज़ है। इस देश की आज़ादी की लड़ाई अहिंसा और सच्चाई पर आधारित थी; इसमें RSS की कोई भूमिका नहीं थी। पूरा देश सच्चाई जानता है, और जो नहीं जानते थे, उन्हें अब पता चल रहा है कि उनके असली इरादे क्या हैं।


    कांग्रेस पार्टी ने महात्मा गांधी के नेतृत्व में उस आंदोलन का संचालन किया था, और इस देश की आत्मा अहिंसा, सच्चाई और भाईचारे में बसी है। कोई भी इसे छीन नहीं सकता—न RSS, न कोई और। चाहे वे कितना भी बंटवारा करें, हिंसा भड़काएं या नफ़रत फैलाएं, देश की आत्मा—जो भाईचारे, आपसी प्यार और एकता से बनी है—बरकरार रहेगी; वे इसे छीन नहीं सकते..."वह यह भी कहती हैं, "राहुल जी जिस लड़के को आपके सामने लाए थे, उसके पूरे शरीर में जो छर्रे (पेलेट्स) मिले, वे कहाँ से आए? क्या वे आसमान से गिरे थे?..."

  • 30 July 2026 11:41 AM IST

    TMC सांसद महुआ मोइत्रा का कहना है कि, "सवाल यह है कि आपने गोली क्यों चलाई? हम उनकी धोती पहनने के अंदाज़ के बारे में नहीं जानना चाहते; देश यह जानना चाहता है कि उन्होंने और उनके मंत्रालय ने निहत्थे प्रदर्शनकारियों पर पैलेट गन और लाठी के इस्तेमाल की इजाज़त क्यों दी।"


Read More
Next Story